रिपोर्ट- शंकर आनंद
रिपोर्ट- शंकर आनंद
प्रवर्तन निदेशालय ने (ED) ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पार्टी के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक (Farooq Abdullah) को तलब किया। PTI के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि फारूक को मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में पूछताछ के लिए 31 मई को एजेंसी के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए समन भेजा गया है।
ED मुख्यालय के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, ये पूछताछ की प्रक्रिया चंडीगढ़ (Chandigarh) में होगी। दरअसल ED जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में हुए करोड़ों रुपए के फर्जीवाडे से जुड़े मामले में एक बार फिर से पूछताछ करना चाहती है। फारूक अब्दुल्ला से इस केस में पहले भी पूछताछ की जा चुकी है।
इस घोटाले से फारूक अब्दुल्ला का क्या संबंध?
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में हुए फर्जीवाडे का ये मामला साल 2002 से लेकर 2012 के बीच का है। उस वक्त फारूक अब्दुल्ला जम्मू -कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। उसी दौरान केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) की तरफ से राज्य में करीब 113 करोड़ रुपए का फंड मुहैया कराया था।
ये पैसा राज्य में खेल को आगे बढाने के लिए और उसमें प्रोत्साहन के लिए था, लेकिन उस फंड में से करीब 43.69 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया।
इस मामले में साल 2015 में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला समेत कई अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। उसके बाद CBI की FIR को आधार बनाकर ईडी (ED) ने भी मामला दर्ज कर लिया। ED की टीम ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
CBI की FIR में फारूक अब्दुल्ला को नामजद आरोपी बनाया गया था, क्योंकी घोटाले के दौरान फारूक राज्य के मुख्यमंत्री के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन भी थे। लिहाजा इसी वजह से उनको नामजद किया गया था।
ED ने 60 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी की थी अटैच
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला की 6 प्रोपर्टी को इसी घोटाला की वजह से साल 2020 में ED ने अटैच कर लिया था। प्रोपर्टी की सरकारी कीमत करीब 11 करोड़ 86 लाख रुपए है। अगर सूत्रों की मानें, तो इन 6 प्रोपर्टी का आज की तारीख में मार्केट वैल्यू 55 करोड़ से 60 करोड़ के बीच है।
फारूक अब्दुल्ला की ये प्रॉपर्टी हुईं अटैच
1. फारूक अब्दुल्ला के तीन आवासिय प्रोपर्टी को ED ने अटैच किया है, जिसमें से एक श्रीनगर में स्थित गुपकार रोड वाला घर, जो बेहद ही आलीशान और खूबसूरत जगह पर है।
2. दूसरी अटैच की गई प्रोपर्टी बारामूला में स्थित टंगमर्ग तहसील में एक घर है, जो काफी बड़ा और आलीशान है।
3. तीसरी अटैच की गई प्रॉपर्टी जम्मू में स्थित सुंजवान इलाके में है। इस प्रोपर्टी की अगर बात करें, तो पहले भी ये प्रोपर्टी एक विवाद का हिस्सा रही है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, सुंजवान वाली इस आवासिय प्रोपर्टी के बारें में ये चर्चा रही है की ये राज्य सरकार और वन विभाग की जमीन थी। इस पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया था। हलांकी, इस मामले में एक और FIR के तहत मामले की जांच चल रही है। इसमें आने वाले वक्त में कार्रवाई की जा सकती है।
4. श्रीनगर में काफी पॉश माने जाने वाला रेजीडेंसी रोड इलाके में फारूक अब्दुल्ला से जुड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टी को भी ED ने फिलहाल अटैच कर लिया है। इसी प्रोपर्टी के पास दो और प्रोपर्टी को भी अटैच कर लिया गया है, जो कानूनी तौर पर फारूक अब्दुल्ला की हैं।
कैसे हुआ था BCCI के करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा
CBI की FIR के मुताबिक, साल 2005 -2011 के दौरान BCCI ने जो 109 करोड़ 78 लाख रूपए का फंड जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को दिया था। उसी दौरान उस संस्थान में तैनात कई अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से करोड़ों रुपए का बंदर बांट किया गया। फारूक अब्दुल्ला की अगर बात करें, तो साल 2006 से लेकर जनवरी 2012 तक वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे।
इस दौरान उनपर ये भी आरोप लगा था की उन्होने कई लोगों और अधिकारियों को अवैध तरीके से जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में नियुक्त करवाया था। उसके बाद उन्हीं लोगों के मार्फत इस फर्जीवाडे को अंजाम दिया गया।
इस गबन के दौरान 6 नए बैंक एकाउंट भी खोले गए थे। इनके कई संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन बारे में ED ने काफी अहम सबूतों को भी इकट्ठा किया है। इसी दौरान एक बंद पड़े बैंक एकाउंट में लाखों-करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। उस बैंक एकाउंट को "कश्मीर विंग ऑफ जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन" के नाम से बनाया गया था। इस मामले में ED आने वाले वक्त में कुछ और आरोपियों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में जुटी है।
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