एक्टर रवि किशन बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बना चुके हैं। साल 2024 में आई किरण राव की फिल्म ‘लापता लेडीज’ में रवि किशन के काम को काफी पसंद किया गया। हाल ही में वह एक पॉडकास्ट में अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि वह काफी गरीब घर से आते हैं। उन्होंने बताया कि उनका बचपन बेहद गरीबी में बीता। वह मिट्टी के घर में रहते थे और परिवार के 12 लोग एक ही थाली में पानी मिलाकर पतली खिचड़ी खाते थे।
रवि किशन ने बताया आज भले ही उनके पास किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है फिर भी वह बड़े होटल में जाकर खुलकर ऑर्डर नहीं कर पाते क्योंकि उनके अंदर मिडिल क्लास वाली आदतें उनको ऐसा नहीं करने देती है।
12 लोग एक थाली में खाते थे
यूट्यूब पर शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में रवि किशन ने बताया कि उन्होंने खुद को गरीबी से निकालने के लिए बहुत संघर्ष किए है। एक्टर ने बताया कि, "मैं मिट्टी के घर में रहता था। हमारे ऊपर जिम्मेदारियां थीं और हमारी खेती की जमीन गिरवी रखी हुई थी। मैंने ऐसी गरीबी देखी है, जहां 12 लोग मिलकर एक पतली खिचड़ी खाया करते थे वह भी उसमें पानी मिलाने के बाद।"
आज भी खिचड़ी ऑर्डर करता हूं
इंटरव्यू के दौरान रवि किशन ने आगे कहा, "मैंने इतनी गरीबी देखी है कि आज भी 7 स्टार होटल में अच्छा खाना ऑर्डर करने में हिचकिचाहट महसूस होती है। फिर चाहे वह प्रोडक्शन का पैसा हो या मेरा अपना खुद का ही क्यों ना हो। मैं अब भी होटल में जाकर खिचड़ी ही ऑर्डर करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि, "मैं लॉन्ड्री में कपड़े देने से भी काफी संकोच करता है। मैं ये सोचता हूं कि घर पर जाकर कपड़े धुल जाएंगे। वह गरीबी आज भी मेरे जेहन और नस-नस में बसी हुईं है। वो मिडिल क्लास की आदतें अब तक मेरे अंदर से नहीं निकली हैं।"
अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए रवि किशन ने बताया कि जब वे मुंबई आए तो वड़ा पाव और चाय पर गुजारा किया था। उनके पास खाने के लिए ज्यादा पैसे नहीं थे। वहीं फिल्मों में 15 साल तक उनको इंडस्ट्री से उन्हें ठीक से पैसे नहीं मिले थे। । रवि किशन ने बताया, "मैंने बहुत अपमान सहा है। जहां लोग एक-दो बार अपमानित होते हैं, मैं हजारों बार अपमानित हो चुका हूं। इन सभी अनुभवों ने रवि किशन को वो बनाया है, जो आज मैं हूं।" उसी बातचीत में रवि किशन ने यह भी खुलासा किया कि वह अनुराग कश्यप की प्रतिष्ठित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में एक भूमिका से चूक गए थे। अभिनेता ने बताया कि किसी ने उनके बारे में निर्देशक को कुछ कह दिया था, जिसकी वजह से उन्हें फिल्म में जगह नहीं मिली।