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Badhaai Do Review: लोगों की आंखें खोलने वाली है राजकुमार राव और भूमि पेडनेकर की 'बधाई दो', समलैंगिक रिश्तों के प्रति नजरिया बदल देगी फिल्म

हर्षवर्धन कुलकर्णी द्वारा निर्देशित यह फिल्म न केवल वर्जित माने जाने वाले विषयों को छूती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे कुछ भारतीय परिवार नवविवाहित जोड़ों पर बच्चे पैदा करने के लिए दबाव डालते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 11, 2022 पर 1:59 PM
Badhaai Do Review: लोगों की आंखें खोलने वाली है राजकुमार राव और भूमि पेडनेकर की 'बधाई दो', समलैंगिक रिश्तों के प्रति नजरिया बदल देगी फिल्म
राजकुमार राव और भूमि पेडनेकर स्टारर 'बधाई दो' लैवेंडर मैरिज और इसमें बंधे शार्दुल और सुमी के अपनी असलियत को छुपाने और खुलकर जीने के स्ट्रगल के बारे है

राजकुमार राव और भूमि पेडनेकर स्टारर 'बधाई दो' मध्यमवर्गीय परिवार के हर स्वभाव को पकड़ते हुए सामाजिक मुद्दे तक पहुंचती है। यह फिल्म एक ऐसे रिश्ते की बात करती है, जिसके बारे में हमारा समाज बात करने से भी कतराता है। हर्षवर्धन कुलकर्णी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 'लैवेंडर मैरिज' के विषय पर बनी है। यानि एक गे और लेस्बियन की शादी जो समाजिक दवाब से बचने के लिए या समाज में फिट होने के लिए समझौते के तौर शादी कर लेते हैं।

फिल्म की कहानी शार्दुल ठाकुर (राजकुमार राव) और सुमन सिंह (भूमि पेडनेकर) के बारे में है। शार्दुल गे कम्युनिटी का हिस्सा है, जबकि सुमन उर्फ सुमी लेस्बियन है। दोनों अपने-अपने संघर्ष के साथ अपनी जिंदगी को दुनिया की नजरों से छुपाकर जी रहे हैं। शार्दुल और सुमन की जिंदगी जब शादी के बाद एक हो जाती है तो दोनों सोचते हैं कि अब वह अपने असली पार्टनर्स के साथ चैन से जी पाएंगे, लेकिन आगे जो होता है उसके बारे में दोनों ने कभी सोचा भी नहीं होगा।

फिल्म LGBTQ+ प्यार की एक खूबसूरत कहानी है। कहानी और निर्देशन रोमांस के एक अलग पक्ष को दर्शाता है जो एक ऐसे विषय पर नया दृष्टिकोण लाता है जिसे अभी भी हमारे देश में कई लोगों द्वारा वर्जित माना जाता है। राजकुमार और भूमि ने फिल्म के सहायक कलाकारों के साथ स्क्रिप्ट के साथ न्याय किया है और उन कठिनाइयों पर प्रकाश डाला है जो हमारे समाज के कुछ लोगों को झेलनी पड़ती हैं।

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