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India-Myanmar territory: क्या म्यांमार से भारत करेगा अनसुलझे जमीन की अदला-बदली? सीमा विवाद को सुलझाने पर MEA का बड़ा बयान

India-Myanmar territory: विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि भारत-म्यांमार सीमा के अनसुलझे हिस्सों पर बातचीत चल रही है। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार भारत-म्यांमार सीमा के बॉर्डर पिलर 65 से 68 के बीच सीमांकन पूरा करने के लिए करीब 1.4 वर्ग मील भूमि के संभावित अदला-बदली के प्रस्ताव पर विचार कर रही है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 05, 2026 पर 5:34 PM
India-Myanmar territory: क्या म्यांमार से भारत करेगा अनसुलझे जमीन की अदला-बदली? सीमा विवाद को सुलझाने पर MEA का बड़ा बयान
India-Myanmar territory: विदेश मंत्रालय ने जमीन की अदला-बदली की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीमा को लेकर बातचीत चल रही है

India-Myanmar territory: भारत और म्यांमार के बीच मणिपुर से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के एक अनसुलझे हिस्से को लेकर बातचीत जारी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच सीमा के जिन क्षेत्रों का अभी तक सीमांकन नहीं हुआ है, उन्हें लेकर चर्चा चल रही है। हालांकि, भारत सरकार ने अनसुलझे जमीन की अदला-बदली की खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि भारत और म्यांमार मणिपुर में अपनी साझा सीमा के एक ऐसे हिस्से को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं जिसकी सीमा अभी तय नहीं हुई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान इससे जुड़े सवाल पर कहा, "सीमा पर कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें अभी सुलझाया जाना बाकी है। उन क्षेत्रों पर बातचीत जारी है।" हालांकि, क्षेत्र के संभावित आदान-प्रदान की खबरों ने मणिपुर में नागरिक समाज समूहों के विरोध को जन्म दे दिया है, जिन्हें राज्य की क्षेत्रीय अखंडता को लेकर चिंताएं हैं। चर्चा के तहत आने वाला यह हिस्सा लगभग 2.8 किलोमीटर लंबा है। ये मणिपुर के चंदेल जिले में आता है, जो म्यांमार के सगाइंग क्षेत्र की कबाव घाटी (Kabaw Valley) से सटा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट में क्या दावा?

अमेरिका की मैगजीन 'द डिप्लोमैट (The Diplomat)' की 17 जुलाई की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत सरकार मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा के बॉर्डर पिलर 65 से 68 के बीच सीमांकन पूरा करने के लिए करीब 1.4 वर्ग मील जमीन के संभावित आदान-प्रदान के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

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