बिहार के वैशाली के लाल रंजन कुमार की ‘चंपारण मटन’ इन दिनों ऑस्कर में छाई हुई है। चंपारण मटन ने नैरेटिव कैटेगरी में अपनी जगह बनाई है। फिल्म ऑस्कर के स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड 2023 के सेमीफाइनल में में सिलेक्ट हुई है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन लाल रंजन कुमार ने किया है। अवार्ड के लिए तकरीबन 600 से ज्यादा क़लेजों ने पार्टिसिपेट किया था। 200 देशों से तकरीबन 2400 से भी ज्यादा फिल्में शामिल की गई थीं। वहीं सेमीफाइनल में सिर्फ 63 फिल्में ही पहुंच पाईं जिनमें से एक चंपारण मटन है। वहीं नैरेटिव कैटेगरी में सिर्फ 17 फिल्में ही सिलेक्ट हुई हैं।
फिल्म के लिए साथ आई एक बेहतरीन टीम
फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन मुजफ्फरपुर की मीनाक्षी श्रीवास्तव ने, महाराष्ट्र के शुभम घाटगे ने साउंड डिजाइनिंग और साउंड रिकॉर्डिंग का काम किया है। इस फिल्म की सारी शूटिंग बारामती में की गई है। लाल रंजन ने पूरी फिल्म की कहानी अपने ननिहाल पर केंद्रित रखी।फिल्म में मटन का रिश्तों और त्योहारों से संबंध दिखाया गया है। कहानी एक परिवार की है जिसमें एक युवा लॉकडाउन में अपनी नौकरी खो बैठता है। फिर ऐसी स्थिति बनती है कि वो अपने परिवार के लिए मटन भी नहीं ला पाता है। व्यंग्य और इमोशंस से सारी स्थितियों को कंबाइन कर कहानी बुनी गई है।
एक्टिंग से जीता दुनियावालों का दिल