'सुशांत सिंह राजपूत का मामला सुलझ गया होता अगर...': SSR की मौत पर अब बिहार के पूर्व DGP ने किए कई बड़े खुलासे

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार के समर्थन से आखिरकार सच सामने आ सकता है। गुप्तेश्वर पांडे ने ANI से बात करते हुए कहा, "अब वहां (महाराष्ट्र) की सरकार ने उम्मीद बदल दी है कि सच्चाई सामने आएगी। पूरी स्थिति की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) भी बनाया गया है”

अपडेटेड Dec 28, 2022 पर 3:38 PM
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SSR की मौत पर अब बिहार के पूर्व DGP ने किए कई बड़े खुलासे

बिहार (Bihar) के पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडे (Gupteshwar Pandey) ने मुंबई (Mumbai) के कूपर अस्पताल (Cooper hospital) के एक पूर्व कर्मचारी की तरफ से किए गए एक चौंकाने वाले दावे पर प्रतिक्रिया दी है। इस कर्मचारी ने दावा किया था कि सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की "हत्या" (Murder) की गई थी। रूपकुमार शाह नाम के इस कर्मचारी ने कथिततौर पर जून 2020 में सुशांत सिंह राजपूत का पोस्टमॉर्टम देखा था।

उन्होंने सोमवार को दावा किया कि अभिनेता की मौत आत्महत्या से नहीं हुई थी और उनके शरीर पर "फ्रैक्चर के निशान" थे। हालांकि, कूपर अस्पताल से पिछले महीने रिटायर हुए शाह ने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार के समर्थन से आखिरकार सच सामने आ सकता है। गुप्तेश्वर पांडे ने ANI से बात करते हुए कहा, "अब वहां (महाराष्ट्र) की सरकार ने उम्मीद बदल दी है कि सच्चाई सामने आएगी। पूरी स्थिति की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) भी बनाया गया है।”


पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडा जल्दी रिटायरमेंट (VRS) लेने और JDU में शामिल होने से पहले सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच टीम के प्रभारी थे।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जांच के दौरान मुंबई पुलिस ने बिहार से भेजे गए अधिकारियों की टीम को सहयोग नहीं किया। पांडे ने कहा, "बिहार से भेजी गई अधिकारियों की टीम के प्रति मुंबई पुलिस का व्यवहार अनैतिक था और तभी मुझे लगा कि वे कुछ छिपा रहे हैं।"

'सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या नहीं हत्या थी', एक्टर का पोस्टमॉर्टम देखने वाले कूपर अस्पताल के कर्मचारी का दावा

पूर्व डीजीपी ने कहा, "एक IPS अधिकारी को भेजा गया, जिसे नजरबंद कर दिया गया। मेरी टीम और मुझे जांच के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। अगर मुझे 15 दिन मिलते, तो केस सॉल्व हो जाता और केस को उस तरह हैंडल नहीं किया गया, जिस तरह से किया जा रहा है।"

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को सब-अर्बन बांद्रा में अपने फ्लैट में लटके पाए गए थे। रूपकुमार शाह ने कहा कि वह अब SSR मामले के बारे में बोल रहे थे, क्योंकि वह इस साल नवंबर में सर्विस से रिटायर हुए थे।

शाह ने कहा, "जब मैंने राजपूत के शरीर को देखा, तो फ्रैक्चर के निशान थे और कुछ दबाव के कारण गर्दन के चारों ओर कुछ निशान थे। गला घोंटने और फांसी लगाने के निशान अलग-अलग होते हैं, क्योंकि मैं करीब 28 साल से ऑटोप्सी कर रहा था।"

शाह ने बताया कि वह कूपर अस्पताल में बतौर मॉर्चरी असिस्टेंट थे। उन्होंने न्यूज चैनल को बताया कि उनके सामने ही पोस्टमॉर्टम के लिए SSR के शव को लाया गया था।

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