गूगल मैप का इस्तेमाल करते हुए कार के नदी में गिरने का दूसरा मामला सामने आया है। पिछले 10 दिनों के अंदर यह दूसरी घटना है। यूपी के बरेली में मैप का इस्तेमाल करते हुए कार नहर में जा गिरी। हालांकि पुलिस ने रेस्क्यू कर सबको निकाल लिया। लेकिन अब गूगल मैप पर सवाल उठने लगे हैं। इसके पहले प्रयागराज के पास हुए इसी तरह के हादसे में 3 मौतें हुई थीं। पुलिस के मुताबिक, कार गूगल मैप की लोकेशन के हिसाब से चल रही थी और मैप ने उन्हें अधूरे बने पुल पर पहुंचा दिया।
रास्तों को देखते हुए अपने विवेक का करें इस्तेमाल
ऐसे में अगर आप भी गूगल मैप का इस्तेमाल करते है तो आपको क्या सावधानियां बरतनी है, आइए जानते हैं। लेकिन सबसे पहले जान लेते हैं कि इस मामले में खुद गूगल का क्या कहना है। गूगल का कहना है कि गूगल मैप गूगल उपयोग की कई शर्तें हैं। रास्तों को देखते हुए अपने विवेक का इस्तेमाल करें। गूगल को रोजाना करोड़ों शिकायतें मिलती हैं। कंपनी के पास हर शिकायत को देखना संभव नहीं है। 6 करोड़ लोग गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं। गूगल अथॉरिटी के साथ मिलकर काम कर रहा है। कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। गूगल ने आगे कहा कि इस तरह के दुर्घटनाओं से बचने के लिए सही व्हीकल का चुनाव करें। अपने मोबाइल ऐप का कंपास को कैलिबर करें और लोकेशन हमेशा ऑन रखें।
गूगल मैप पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं
दूसरे एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि गूगल मैप पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं है। कई बार मैप किन्हीं कारणों से गलत रास्ता दिखा सकता है। जैसे कि अगर कोई नई सड़क बनाई गई है, जो गूगल मैप पर अपडेटेड नहीं है तो यह गलत जानकारी दे सकता है। भारी बारिश, आंधी या तूफान के चलते रास्ता बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में भी गूगल मैप गलत जानकारी दे सकता है। गूगल मैप GPS सिग्नल के जरिए काम करता है। अगर किसी जगह पर नेटवर्क नहीं है तो भी यह गलत जानकारी दे सकता है।
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