Whatsapp पर फर्जी मेसेज भेजा तो खैर नहीं! सरकार जुटा रही फिंगरप्रिंट

Whatsapp को यह पता लगाना होगा कि कोई मेसेज कहां से पहली बार भेजा गया है और इसे किसने भेजा है

अपडेटेड Jun 18, 2019 पर 4:26 PM
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Whatsapp के मेसेज कहां से आ रहे हैं और कौन उसे टाइप कर रहा है, अब ये सब सरकार की नजर में रहेगा। सरकार ने Whatsapp बिना एनक्रिप्शन ब्रेक किए हर मेसेज का डिजिटल फिंगरप्रिंट भेजने को कहा है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि Whatsapp पर कौन मेसेज कर रहा है।

Whatsapp को यह पता लगाना होगा कि कोई मेसेज कहां से पहली बार भेजा गया है और इसे किसने भेजा है।

Whatsapp को इस बात की जानकारी रखनी होगी कि कहां से मेसेज भेजा जाना शुरू हुआ है और उसे कितने लोगों ने पढ़ा है। अधिकारी ने बताया कि हालांकि इस दौरान Whatsapp मेसेज को नहीं पढ़ेगी।

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, सरकार चाहती है कि कोई गलती जानकारी या बच्चों की किडनैपिंग से जुड़े अफवाह फैलाने पर रोक लगे। Whatsapp की वजह से ही 2018 में देश भर में लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं।  

एक अधिकारी के मुताबिक, फिंगरप्रिंट से यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि कोई मेसेज पहली बार कहां से भेजा गया है। हम सब यह चाहते हैं। 

अधिकारी ने कहा, हम मेसेज को पढ़ना नहीं चाहते हैं। लेकिन जब हम किसी ऐेसे मेसेज को देखते हैं जो मुश्किल पैदा कर सकते हैं तो Whatsapp को यह पता होना चाहिए कि वह मेसेज कहां से आया है। उन्हें कोई रास्ता निकालना होगा। तकनीकी तौर पर यह मुमकिन है। 


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