कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन मामलों की बढ़ती संख्या के बीच गुजरात सरकार ने राज्य के आठ प्रमुख शहरों में नाइट कर्फ्यू (night curfew) 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। नए आदेश के बाद नाइट कर्फ्यू अब 31 दिसंबर तक लागू रहेगा। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि आठ शहरों में देर रात एक बजे से सुबह पांच बजे तक रात का नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा।
एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, वडोदरा, जामनगर, भावनगर, गांधीनगर और जूनागढ़ शहरों में नाइट कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है और ये अब एक से 31 दिसंबर तक लागू रहेगा। विज्ञप्ति के मुताबिक, इन शहरों में दुकान, सैलून रात 12 बजे तक खुल सकेंगे जबकि रेस्तरां को आधी रात तक खुले रहने की इजाजत है लेकिन वे 75 फीसदी क्षमता के साथ ही खुले रहेंगे।
वहीं, खाने की होम डिलिवरी तथा खाना पैक करा के घर ले जाने (टेक अवे) की सेवा भी आधी रात तक जारी रहेगी। इसमें बताया गया है कि पूरे राज्य में सिनेमा घर 100 फीसदी क्षमता के साथ संचालित हो सकते हैं। विज्ञप्ति के मुताबिक, एक दूसरे से दूरी बनाने और मास्क लगाने के नियम का पालन किया जाना चाहिए।
बता दें कि ओमिक्रोन का बढ़ता संक्रमण चिंता का सबब बनता जा रहा है। लगातार इस नए वेरिएंट से संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को गुजरात में ओमीक्रोन के तीन नए मामलों (राजकोट, अहमदाबाद और गांधीनगर में एक-एक) का पता चला, जिससे राज्य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 11 तक हो गई।
महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक में क्रमशः कोविड -19 के नए स्ट्रेन के अधिक मामले दर्ज होने के बाद भारत में ओमीक्रोन के मामले सोमवार को बढ़कर 168 पर पहुंच गए। केंद्र और राज्य के अधिकारियों के अनुसार, 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- महाराष्ट्र (54), दिल्ली (28), राजस्थान (17) और कर्नाटक (19), तेलंगाना (20), गुजरात (11), केरल (15), आंध्र प्रदेश (1), चंडीगढ़ (1), तमिलनाडु (1) और पश्चिम बंगाल (1) में ओमीक्रोन के मामलों का पता चला है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Union Health Minister Mansukh Mandaviya) ने राज्यसभा में कहा 'हम विशेषज्ञों के साथ रोजाना स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पहली और दूसरी लहरों के दौरान अपने अनुभवों से सीखते हुए वैरिएंट के फैलने पर हमें समस्याओं से बचने के लिए हमने महत्वपूर्ण दवाओं के बफर स्टॉक की व्यवस्था की है।" गौरतलब है कि ओमीक्रोन पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था, जबकि भारत के इसके पहले दो मामले कर्नाटक में 2 दिसंबर को पाए गए थे।