महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक में क्रमशः कोविड -19 के नए स्ट्रेन के अधिक मामले दर्ज होने के बाद भारत में ओमीक्रोन के मामले सोमवार को बढ़कर 168 पर पहुंच गये। केंद्र और राज्य के अधिकारियों के अनुसार, 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - महाराष्ट्र (54), दिल्ली (28), राजस्थान (17) और कर्नाटक (19), तेलंगाना (20), गुजरात (11), केरल (15), आंध्र प्रदेश (1), चंडीगढ़ (1), तमिलनाडु (1) और पश्चिम बंगाल (1) में ओमीक्रोन के मामलों का पता चला है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Union Health Minister Mansukh Mandaviya) ने राज्यसभा में कहा 'हम विशेषज्ञों के साथ रोजाना स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। पहली और दूसरी लहरों के दौरान अपने अनुभवों से सीखते हुए वैरिएंट के फैलने पर हमें समस्याओं से बचने के लिए हमने महत्वपूर्ण दवाओं के बफर स्टॉक की व्यवस्था की है।"
गौरतलब है कि ओमीक्रोन पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था जबकि भारत के इसके पहले दो मामले कर्नाटक में 2 दिसंबर को पाए गए थे। हालांकि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमीक्रोन का खतरा कम है।
इस बीच यूके में लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज (Imperial College London) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन का अनुमान है कि ओमीक्रोन वैरिएंट के साथ पुन: संक्रमण का जोखिम डेल्टा वैरिएंट की तुलना में 5.4 गुना अधिक है। मिंट की खबर के मुताबिक शोधकर्ताओं ने कहा कि पिछले संक्रमण से ओमीक्रोन द्वारा पुन: संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा 19 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
अध्ययन करने वालों ने कहा, "अध्ययन में डेल्टा की तुलना में ओमीक्रॉन की गंभीरता कम होने का कोई सबूत नहीं मिला है। इसका अनुमान पॉजिटिव पाये जाने वाले लोगों या संक्रमण के बाद अस्पताल में इलाज करने वाले लोगों मामलों के अनुपात में देखने को मिला है।"