भारतीय जनता पार्टी की सांसद हेमा मालिनी ने मंगलवार को महाकुंभ में हुई भगदड़ को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस भव्य आयोजन को बड़े ही अच्छ ढंग से मैनेज कर रही है। मौनी अमावस्या पर दूसरे शाही स्नान के दौरान महाकुंभ में भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और लगभग 60 लोग घायल हो गए।
BJP सांसद ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, "हम कुंभ गए थे, हमने बहुत अच्छा स्नान किया। यह सही है कि एक घटना हुई, लेकिन यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं थी। मुझे नहीं पता कि यह कितनी बड़ी घटना थी। इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "यह बहुत अच्छी तरह से मैनेज किया गया था, और सब कुछ बहुत अच्छी तरह से किया गया था... इतने सारे लोग आ रहे हैं, इसे मैनेज करना बहुत मुश्किल है, लेकिन हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।"
कई विपक्षी नेताओं ने मौनी अमावस्या स्नान के दौरान मची भगदड़ से निपटने के सरकार के तरीकों पर चिंता जताई।
लोकसभा में BJP सरकार पर जमकर बरसे अखिलेश
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव आज लोकसभा में बोले और दावा किया कि सरकार मौत का असली आंकड़ा छिपा रही है।
उन्होंने कहा, "महाकुंभ त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए और जिन्होंने सच्चाई छिपाई है उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। हम डबल इंजन सरकार से पूछते हैं कि अगर कोई अपराध नहीं था, तो आंकड़े क्यों दबाए गए, छिपाए गए और मिटाए गए?"
उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों को शवों को इकट्ठा करने के लिए अर्थ मूवर्स यानी बुल डोजर की मदद लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा, "सरकार लगातार बजट के आंकड़े पेश कर रही है, कृपया कुंभ में मरने वालों की संख्या भी बताएं... महाकुंभ दुर्घटना में हुई मौतों के आंकड़े, घायलों का इलाज, दवाओं, डॉक्टरों, भोजन, पानी की उपलब्धता, परिवहन को संसद में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।"