बसंत पंचमी पर महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान शुरू हो चुका है। हाथों में तलवार-गदा, डमरू और शंख, शरीर पर भभूत, घोड़े और रथ की सवारी में हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए साधु-संत स्नान के लिए संगम पहुंचे। सबसे पहले पंचायती निरंजनी अखाड़े के संत संगम पहुंचे। वहां अमृत स्नान किया। फिर सबसे बड़े जूना अखाड़े के साथ किन्नर अखाड़े ने अमृत स्नान किया। ऑपरेशन इलेवन चलाकर क्राउड मैनेजमेंट स्पेशल प्लान के तहत व्यवस्था संभाली जा रही है। राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ महाकुंभ मेल पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। त्रिवेणी संगम पर साधु-संत और श्रद्धालुओं के ऊपर हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की जा रही है।
महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से वन वे रूट तैयार किया गया है। इसके अलावा पांटून पुलों पर मेले में आने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए खास इंतजाम किए गए हैं। संगम जाने वाले सभी रास्तों में 10 किमी तक श्रद्धालुओं का रेला है। प्रयागराज जंक्शन से लोग पैदल ही संगम पहुंच रहे हैं। करीब 8 से 10 किमी चलना पड़ रहा है। भीड़ को देखते हुए लेटे हनुमान मंदिर को बंद कर दिया गया। मेला क्षेत्र के सभी रास्ते वन-वे हैं।
तड़के 4 बजे से अमृत स्नान जारी
लखनऊ में सीएम आवास पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। पुलिस और प्रशासन के सीनियर अफसरों के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बसंत पंचमी पर तड़के 4 बजे तक 16.58 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। महाकुंभ का आज 22वां दिन है। 13 जनवरी से अब तक 34.97 करोड़ से ज्यादा लोग डुबकी लगा चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि आज 3 से 4 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा सकते हैं। प्रशासन का अनुमान है कि आज 3 से 4 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा सकते हैं। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार पूरा ध्यान संगम के घाटों पर भीड़ पर रखा है। रविवार की सुबह से ही लगातार लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट जारी है कि संगम तट पर बेवजह न रुकें। स्नान करने के बाद आगे बढ़े और अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करें।
अखाड़ों का आज अंतिम अमृत स्नान
महाकुम्भ मेले का यह तीसरा अमृत स्नान है। श्रद्धालु शिवयोग, सिद्ध योग साध्य योग और रवि योग में संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। अखाड़ों का भी यह तीसरा और अंतिम अमृत स्नान है। फिलहाल 12 फरवरी 2025 को माघी पूर्णिमा और 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर अमृत स्नान (शाही स्नान) बाकी है।
महाकुंभ में पांटून पुल खुला
अमृत स्नान की मेला पुलिस प्रशासन ने पूरी की तैयारी की है। CM योगी के निर्देश पर पांटून ब्रिज को दुरुस्त किया गया है। संगम से झूंसी जाने के लिए पांटून पुल 2, 4, 8, 11, 13, 15, 17, 20, 22, 23 और 25 खोल दिए गए हैं। झूंसी से संगम जाने के लिए पांटून पुल 16, 18, 21 और 24 खोला गया है। अरैल से झूंसी जाने के लिए पुल न. 28 खोला गया है। झूंसी से अरैल जाने के लिए पुल न. 27 और 29 खोले गए हैं। पांटून पुल खुलने से श्रद्धालुओं को अब ज्यादा पैदल नहीं चलना पड़ेगा।
व्यवस्था बेहतर है - वैभव कृष्ण
डीआइजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने कहा कि व्यवस्था बहुत अच्छी है। भीड़ पर हमारा पा नियंत्रण है। सभी अखाड़ों का स्नान सफलता पूर्वक हो रहा है। समय से पहले सभी अखाड़ों का स्नान खत्म हो जाएगा।