Mahakumbh Stampede: मौनी अमावस्या के शाही स्नान पर महाकुंभ में एक बड़ा हादसा हुआ था। 28 जनवरी की देर रात महाकुंभ मेला क्षेत्र के संगम नोज पर देर रात भगदड़ मच गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस भगदड़ में 30 लोगों की मौत हुई है और 60 से अधिक लोग घायल हैं।
वहीं महाकुंभ में हादसे का एक बड़ा दावा किया जा रहा है। दावे के मुताबिक भगदड़ में 12 सकेंड में 28 लोगों की मौत हो गई थी।
अमर उजाला की एक रिपोर्ट की मुताबिक, मौनी अमावस्या की रात को संगम घाट पर महज 12 सेकेंड के भीतर 23 लोग जान चली गई थीं, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जो 29 जनवरी की रात 1:10 बजे का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लाखों लोग बदहवास होकर संगम नोज की ओर भाग रहे थे। इसके बाद भीड़ की रफ्तार थोड़ी धीमी हो जाती है।
ऐसा कहा जा रहा है कि इस यही महज 12 सेकंड थे जब भीड़ की चपेट में आने से 23 श्रद्धालुओं की जान चली गई। वहीं वीडियो में कुछ देर बाद चीखने की आवाजें सुनाई देने लगती हैं। हालांकि अमर उजाला ने अपनी खबर में यह भी लिखा है कि वह इस इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इस वीडियो के बारे में अधिकारी फिलहाल कोई जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं।
महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान करने पहुंचे 30 श्रद्धालुओं की अफरातफरी और भगदड़ के कारण जान चली गई। यह हादसा मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे अखाड़ा मार्ग और सेक्टर 18 के मुक्ति मार्ग पर हुआ। इस हादसे में 60 श्रद्धालु घायल हुए है। हादसे के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वीडियो संदेश में दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। डीआईजी वैभव कृष्ण और मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि भारी भीड़ के कारण बैरिकेड्स टूट गए और भगदड़ मचने से 30 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए है।