Himachal Rain: हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही, 55 लोगों की मौत, स्कूल-कॉलेज और सड़कें बंद

Himachal Pradesh Rain: हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से हुई भारी तबाही के बीच कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 14 लोगों की मौत शिमला में हुईं भूस्खलन की दो घटनाओं में हुई। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन हुए, जिसके चलते कई मुख्य सड़कें बंद हो गईं और कई घर ढह गए। राज्य की राजधानी शिमला में दो जगह भूस्खलन हुआ, जहां से 14 शव बरामद किए गए

अपडेटेड Aug 15, 2023 पर 11:28 AM
Himachal Rain: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के समर हिल इलाके में घटनास्थल का दौरा किया

Himachal Pradesh Rain Live Updates: हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से हुई भारी तबाही के बीच कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 14 लोगों की मौत शिमला में हुईं भूस्खलन की दो घटनाओं में हुई। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन हुए, जिसके चलते कई मुख्य सड़कें बंद हो गईं और कई घर ढह गए। राज्य की राजधानी शिमला में दो जगह भूस्खलन हुआ, जहां से 14 शव बरामद किए गए। अधिकारियों ने कहा कि समर हिल क्षेत्र के भूस्खलन प्रभावित शिव मंदिर के मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। सावन महीने के एक महत्वपूर्ण दिन पर पूजा करने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को बताया, "राज्य में अब तक करीब 55 लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। पुनरुद्धार का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। चंडीगढ़-शिमला 4-लेन हाईवे सहित अन्य मुख्य सड़कें खुल गईं।" मंडी के उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि जिले में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और कई शव बरामद किए गए हैं।

बुरी तरह प्रभावित सोलन जिले में एक ही परिवार के सात सदस्यों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। मौसम कार्यालय ने सोमवार को कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर राज्य के 12 में से 9 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया। मंगलवार के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।


शिमला के एसपी संजीव कुमार गांधी ने पीटीआई को बताया कि समर हिल और फागली के दो भूस्खलन स्थलों पर मलबे से 14 शव निकाले गए हैं, जबकि 17 लोगों को बचाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश के कारण शिमला में बचाव अभियान में बाधा आ रही है। कई हिस्सों में रविवार रात से बिजली नहीं है क्योंकि भूस्खलन और पेड़ों के उखड़ने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

स्कूल-कॉलेज और सड़कें बंद

भारी बारिश के मद्देनजर सभी स्कूल और कॉलेज को बंद रखने का आदेश दिया गया है। राज्य के आपात अभियान केंद्र के अनुसार, आपदा के कारण राज्य में 752 सड़कें बंद कर दी गई हैं। हिमाचल प्रदेश में रविवार से हो रही भारी बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ जिससे प्रमुख शिमला-चंडीगढ़ रूट समेत कई सड़कें बाधित हो गई। राज्य के आपात अभियान केंद्र के अनुसार, कुल 752 सड़कें बंद हैं। रविवार शाम से कांगड़ा में 273 मिलीमीटर, धर्मशाला में 250 मिमी, सुंदरनगर में 168 मिमी, मंडी में 140 मिमी, जब्बारहट्टी में 132 मिमी, शिमला में 126 मिमी, बरठी में 120 मिमी, धौलाकुआं में 111 मिमी और नाहन में 107 मिमी बारिश हुई।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोलन जिले के जादोन गांव में बादल फटने से रविवार रात एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई। जिले में बादल फटने के बाद दो मकान बह गए। हादसे में छह लोगों को बचा लिया गया, जबकि सात अन्य की मौत हो गई।

सोलन के SP गौरव सिंह ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त हरनाम (38), कमल किशोर (35), हेमलता (34), राहुल (14), नेहा (12), गोलू (8) और रक्षा (12) के रूप में की गई है। सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बताया कि जिले की बलेरा पंचायत में एक झोंपड़ी के भूस्खलन की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। उनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है। रामशहर तहसील के बनाल गांव में भूस्खलन में एक अन्य महिला की मौत हो गई।

एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत

उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कहा कि मंडी जिले की सेघली पंचायत में रविवार देर रात भूस्खलन से दो साल के बच्चे समेत एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई। तीन लोगों को बचाया गया। उपायुक्त ने कहा कि संभल में पंडोह के पास छह शव बरामद किए गए हैं। शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, धरमपुर इलाके से दो मौतों की सूचना मिली है। बल्ह क्षेत्र के कुछ हिस्से और मंडी के नेरचौक में पानी भर गया। खबरों के मुताबिक सिरमौर जिले में एक लड़के की मौत हो गई।

सीएम ने किया दौरान

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के समर हिल इलाके में घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सुक्खू ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "शिमला से परेशान करने वाली खबर सामने आयी है जहां भारी बारिश के कारण समर हिल में शिव मंदिर ढह गया। अभी तक नौ शव बरामद किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन लोगों को बचाने के लिए मलबा हटाने का काम कर रहा है। ओम शांति।"

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "विनाशकारी बारिश से शिमला के समरहिल इलाके में शिव मंदिर के समीप भूस्खलन हुआ जिसमें कई लोग मलबे में दब गए। कुछ लोगों की मौत हो गई है। मैं घटनास्थल पर मौजूद हूं। मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।"

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बाद में, घटनास्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि घटना के समय भगवान शिव के मंदिर में भीड़ थी क्योंकि वह सावन का सोमवार था। बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। हर संभव मदद की जाएगी। मलबे में दबे लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें हिमाचल प्रदेश में राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। उन्होंने जानमाल के नुकसान को बेहद दुखद बताया। शिमला में समर हिल के पास यूनेस्को की विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि 50 मीटर लंबा पुल बह गया है और पटरियां लटक गई हैं।

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