Independence Day 2023: 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए 'विश्वकर्मा योजना (Vishwakarma Yojana)' शुरू करने की घोषणा की। अगले महीने विश्वकर्मा जयंती के मौके पर इस योजना को लॉन्च की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अगले महीने पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए 13,000 से 15,000 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना शुरू करेगी। बता दें कि हर साल पीएम मोदी लाल किले से अपने संबोधन में किसी न किसी नई योजना की घोषणा करते हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से नाई, सुनार, धोबी आदि जैसे कुशल कार्यों के लिए है। यह योजना अगले महीने यानी सितंबर में विश्वकर्मा जयंती पर शुरू की जाएगी। विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर 2023 को है। पीएम मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान कहा, "सरकार अगले महीने पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए 13,000 से 15,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना शुरू करेगी।"
ट्रेडिशनल स्किल्स में काम करने वाले कामगारों को इस योजना का फायदा मिलेगा। पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों में सुधार करना और उन्हें घरेलू एवं वैश्विक मार्केट से जोड़ना है। इस योजना से ऐसे श्रमिकों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े समुदायों, महिलाओं, ट्रांसजेंडर और समाज के अन्य कमजोर वर्गों से संबंधित लोगों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने मणिपुर के लोगों के बारे में भी बात की। उत्तर-पूर्वी राज्य में हिंसा के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सभी विवादों को हल करने का एकमात्र तरीका शांति है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शांति बनाए रखने पर काम कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा, "पूरा देश मणिपुर के लोगों के साथ खड़ा है। शांति ही सभी विवादों को सुलझाने का एकमात्र तरीका है। केंद्र और मणिपुर सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि राज्य में जल्द से जल्द शांति लौटे।" इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सरकार 'जन औषधि केंद्रों' की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण को लोकतंत्र की तीन ऐसी विकृतियां करार दिया, जिनसे देश तथा समाज का बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इन तीनों बीमारियों के खिलाफ उनकी जंग जारी रहेगी।
लाल किले की प्राचीर से 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साल 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की राह में अगर कुछ रुकावटें हैं तो ये विकृतियां ही हैं।