IAS Puja khedkar controversy: महाराष्ट्र के वाशिम जिले में अचानक तबादले के बाद सुर्खियों में आईं प्रोबेशनरी IAS अधिकारी पूजा खेडकर ने मंगलवार को पुणे जिला कलेक्टर के खिलाफ उत्पीड़न की पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है। 34 साल की खेडकर एक अलग कार्यालय और आधिकारिक कार की कथित मांग और अपनी निजी कार पर लाल बत्ती के गैर-कानूनी इस्तेमाल की खबरें सामने आने के बाद से विवादों में हैं। बाद में उन्हें पुणे से वाशिम ट्रांसफर कर दिया गया।
न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि मंगलवार को पुणे के जिला मजिस्ट्रेट सुहास दिवासे के खिलाफ पूजा खेडकर ने उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है।
इस बीच सरकार ने मंगलवार को पूजा खेडकर के जिला ट्रेनिंग प्रोग्राम को भी स्थगित कर दिया और उन्हें 23 जुलाई तक लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में रिपोर्ट करने को कहा गया है। महाराष्ट्र सरकार के एक अधिकारी ने ये जानकारी दी। इस पूरे मामले में सरकार की ओर से ये उनके खिलाफ पहला एक्शन है।
34 साल की खेडकर सिविल सेवा परीक्षा में चुने जाने के लिए गलत तरीके का इस्तेमाल करने के आरोपों का सामना कर रही हैं। उन्होंने खुद को कथित तौर पर शारीरिक रूप से दिव्यांग और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय का बताया था। खेडकर पर पुणे में तैनाती के दौरान विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का भी आरोप है।
अधिकारी ने बताया कि एकडमी ने आगे की जरूरी कार्रवाई के लिए उन्हें वापस बुलाने का फैसला किया है।
महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन गदरे की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि एकडमी ने खेडकर के जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया है और आगे की जरूरी कार्रवाई के लिए उन्हें तत्काल वापस बुला लिया है।
पत्र में कहा गया, "आपको (खेडकर) महाराष्ट्र सरकार के जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम से मुक्त किया जाता है। आपको किसी भी परिस्थिति में 23 जुलाई 2024 से पहले एकडमी में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया जाता है।"