इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के चीफ डॉ. बलराम भार्गव (Dr Balram Bhargava) ने वो दो वजहें बताईं हैं जिसके कारण कोविड के सेकेंड वेव में अधिक युवा वायरस के निशाने पर हैं। डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि देश में मौजूद कोरोना वायरस का म्यूटेंट वेरिएंट भी युवाओं के संक्रमित होने का एक कारण है। वहीं, युवा ज्यादा बाहर निकलने लगे हैं इस वजह से भी वे वायरस के अधिक शिकार हुए हैं।

डॉ. बलराम भार्गव से जब पूछा गया कि क्या युवा आबादी सेकेंड वेव से ज्यादा प्रभावित है तो उन्होंने कहा कि कोविड के फर्स्ट और सेकेंड वेव के आंकड़ों की तुलना करने पर इसमें ज्यादा अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग हेल्थ इश्यूज के कारण वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील हैं और उनमें संक्रमण का अधिक खतरा है। उन्होंने कहा कि असप्ताल में भर्ती मरीजों की मृत्यु दर 9.6% से 9.7% के बीच है।

जब डॉ. भार्गव से पूछा गया कि क्या कोविड के थर्ड वेव में बच्चे संक्रमण का अधिक शिकार हो सकते हैं और सरकार बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए कोई योजना बना रही है, इस पर ICMR चीफ ने कहा कि कोविड के दोनों वेव में वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में थर्ड वेव में बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे, यह कहना ठीक नहीं है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने भी इन दावों को खारिज किया है कि कोविड के सेकेंड वेव में अधिक युवा संक्रमित हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने अप्रैल में कहा था कि कोविड के फर्स्ट वेव में संक्रमित होने वालों में 30 साल से कम उम्र के लोगों की संख्या 31% थी, वहीं सेकेंड वेव में यह संख्या 32% है।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में कोविड के रोज आने वाले मामलों में कमी आई है और कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र और दिल्ली में नए संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। लेकिन कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पंजाब सहित 16 ऐसे राज्य हैं जहां रोज आने वाले नए मामले बढ़ रहे हैं। यह चिंता की बात है।

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