IFBA 2023: अमिताभ कांत ने कहा-इंडिया की जीडीपी में फैमिली-ओन्ड बिजनेसेज का 75% योगदान

अमिताभ कांत ने इंडिया की ग्रोथ के लिए फैमिली-ओन्ड बिजनेस को बहुत अहम बताया। उन्होंने कहा कि फैमिली-ओन्ड बिजनेसेज ने बाजार की बदलती स्थितियों के मुताबिक खुद को बदला है। सबसे मूल्यवान फैमिली बिजनेसेज कामकाज के लिए प्रोफेशनल मैनेजर्स की सेवाएं ले रहे हैं। इससे कामकाज बेहतर होता है और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है

अपडेटेड Dec 04, 2024 पर 5:07 PM
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फैमिली ओन्ड बिजनेस का मतलब ऐसी कंपनी या कंपनियों के समूह से है, जिसका नियंत्रण किसी परिवार के हाथ में होता है।

फैमिली-ओन्ड बिजनेस के बगैर इंडिया के साल 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी वाली इकोनॉमी बनने का टारगेट पूरा नहीं हो सकता। जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने यह बात कही है। दिल्ली में आयोजित मनीकंट्रोल के इंडियन फैमिली बिजनेस अवॉर्ड्स में अपनी स्पीच में उन्होंने कहा कि इंडिया की ग्रोथ के लिए फैमिली ओन्ड बिजनेस जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बिजनेसेज में गवर्नेंस अच्छा है और सक्सेशन प्लान प्रभावी है। इससे फैमिली ओन्ड बिजनेसेज हमेशा सफल होते हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन मनीकंट्रोल प्रो और वाटरफील्ड एडवाइजर्स ने किया था।

फैमिली ओन्ड बिजनेस का मतलब

फैमिली ओन्ड बिजनेस (Family Owned Business) का मतलब ऐसी कंपनी या कंपनियों के समूह से है, जिसका नियंत्रण किसी परिवार के हाथ में होता है। कंपनी में परिवार की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होती है। परिवार का मुखिया कंपनी का चेयरमैन होता है। उसके बाद कंपनी का नियंत्रण उसके बेटे के हाथ में होता है। यह क्रम चलता रहता है। आज इंडिया में कई बड़ी कंपनियां या कंपनियों के समूह की कमान एक परिवार के हाथ में है। ये कंपनियां अपने क्षेत्र में मार्केट लीडर हैं।


इंडिया के लिए सबसे बड़ा चैलेंज

अमिताभ कांत ने इंडिया को पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में कहा, "तीन दशकों तक इंडिया की सालाना 8-9 फीसदी ग्रोथ या इंडिया के विकसित भारत बनने यानी GDP 4 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने के लिए जीडीपी का 9 गुना होना जरूरी है। इंडिया में प्रति व्यक्ति आय का 8 गुना और मैन्युफैक्चरिंग का 16 गुना होना जरूरी है। यह इंडिया के लिए चैलेंज है।"

जीडीपी में 75 फीसदी योगदान

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि यह फैमिली-ओन्ड बिजनेस के बगैर नहीं हो सकता, क्योंकि इंडिया की जीडीपी में उनका 75 फीसदी योगदान है।" उन्होंने कहा कि फैमिली-ओन्ड बिजनेस का प्रदर्शन नॉन-फैमिली ओन्ड बिजनेस से बेहतर रहा है। फैमिली-ओन्ड बिजनेसेज की रेवेन्यू ग्रोथ वास्तव में नॉन-फैमिली-ओन्ड बिजनेसेज के मुकाबले 4.5 फीसदी ज्यादा रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया में ग्रोथ वाले कई नए क्षेत्रों में डायवर्सिफिकेशन के पीछे फैमिली-ओन्ड बिजनेसेज की सफलता है।

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इंडिया की ग्रोथ स्टोरी में बड़ा हाथ

जी20 के शेरपा ने कहा कि फैमिली-ओन्ड बिजनेसेज ने बाजार की बदलती स्थितियों के मुताबिक खुद को बदला है। सबसे मूल्यवान फैमिली बिजनेसेज ने कामकाज के लिए प्रोफेशनल मैनेजर्स की सेवाएं ले रहे हैं। इससे कामकाज बेहतर होता है और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है। इससे ट्रेडिशन और मॉडर्निटी के लिए अच्छा आधार तैयार होता है। अपनी स्पीच के अंत में उन्होंने कहा इंडिया की ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ाने में फैमिली-ओन्ड बिजनेसेज की सबसे बड़ी भूमिका है।

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