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इस साल पड़ेगी कड़ाके की ठंड, आखिर क्या बला हैं ये अल नीनो और ला नीना, जो बदल सकते हैं पूरी दुनिया का मौसम

India Weather: 2 सितंबर, 2024 को IMD की घोषणा ने ला नीना के कारण भीषण सर्दी की संभावना की पुष्टि की। ठंडे मौसम और ज्यादा बारिश दोनों के साथ होने से भी कृषि पर असर पड़ सकता है, खासकर उन इलाकों में जो सर्दियों की फसलों पर निर्भर हैं। आने वाली सर्दी बेशक भारत भर में कई लोगों के लिए चुनौती होने वाली है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में

Shubham Sharmaअपडेटेड Sep 13, 2024 पर 2:56 PM
इस साल पड़ेगी कड़ाके की ठंड, आखिर क्या बला हैं ये अल नीनो और ला नीना, जो बदल सकते हैं पूरी दुनिया का मौसम
इस बार भारत में क्यों पड़ेगी बहुत ज्यादा ठंड, आखिर क्या बला हैं ये अल नीनो और ला नीना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल देशभर में बहुत ज्यादा सर्दी पड़ने का अनुमान जताया है। इसे ला नीना की शुरुआत माना जा रहा है। 2 सितंबर, 2024 को IMD की घोषणा ने ला नीना के कारण भीषण सर्दी की संभावना की पुष्टि की। ला नीना एक ऐसा मौसम पैटर्न है, जिसमें इक्वेटोरियल पैसिफिक में समुद्र की सतह का औसत से ज्यादा ठंडे तापमान हो जाता है। इसमें तापमान में काफी कमी और बारिश की उम्मीद बढ़ जाती है।

ये पैटर्न आम तौर पर अप्रैल और जून के बीच शुरू होता है। तेज पूर्वी हवाओं ये स्थिति पैदा होती है, जो समुद्र के पानी को पश्चिम की ओर धकेलती है, जिससे समुद्र की सतह ठंडी हो जाती है।

क्या होता है ला नीना?

ला नीना अल नीनो के उलट एक प्राकृतिक मौसम पैटर्न है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में समुद्र का तापमान सामान्य से कम ठंडा होता है। ये पैटर्न पूरी दुनिया में मौसम पर असर डाल सकता है, लेकिन इसका असर अल नीनो के उनट होते हैं। अल नीनो क्या होता है, ये हम आपको आगे बताएंगे।

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