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असम में महिला को बांग्लादेश भेजने पर हाईकोर्ट सख्त! पति को मिलेगा ₹2 लाख मुआवजा; वापसी के लिए विदेश मंत्रालय को निर्देश

Gauhati High Court: गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम सरकार को भारत से निकालकर बांग्लादेश भेजी गई एक महिला के पति को अंतरिम मुआवजे के तौर पर 2 लाख रुपये देने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने महिला को विदेशी घोषित करने वाली सर्टिफाइड की कॉपी जारी करने में "जानबूझकर देरी" की ताकि उसे निकाला जा सके

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 08, 2026 पर 4:03 PM
असम में महिला को बांग्लादेश भेजने पर हाईकोर्ट सख्त! पति को मिलेगा ₹2 लाख मुआवजा; वापसी के लिए विदेश मंत्रालय को निर्देश
फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के आदेश को गुवाहाटी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी

Gauhati High Court: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को एक महिला को कथित तौर पर बिना परिवार को सूचना दिए बांग्लादेश भेजे जाने के मामले में उसके पति को 2 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनावाई के दौरान अदालत ने इस कार्रवाई में 'प्रक्रियात्मक खामियों' पर गंभीर चिंता जताई है। यह आदेश 3 सितंबर को जस्टिस कल्याण राय सुराना और जस्टिस सुस्मिता फूकन खौंड की पीठ ने मुजम्मेल हक की ओर से दायर हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

हक की पत्नी मुमताज बेगम को बांग्लादेश भेज दिया गया था। इसके बाद फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के उस आदेश के खिलाफ चुनौती कोर्ट में लंबित थी जिसमें उन्हें विदेशी नागरिक घोषित किया गया था।अदालत ने कहा कि महिला मुमताज बेगम को भारत से बाहर भेजते समय उनके पति या परिवार के किसी वयस्क सदस्य को इसकी जानकारी नहीं दी गई।

सर्टिफाइड कॉपी करने में की देरी!

हाईकोर्ट ने इसे देखते हुए फिलहाल राहत के तौर पर राज्य सरकार को पति को 2 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने उसे विदेशी घोषित करने वाली राय की सर्टिफाइड कॉपी जारी करने में "जानबूझकर देरी" की ताकि उसे निकाला जा सके।

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