Delhi Building Collapse: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत के ढहने से 7 छात्रों की मौत और 5 लोगों के घायल होने के बाद इलाके में चल रहे PG और किराए के मकानों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां रहने वाले कई छात्रों का कहना है कि वे हजारों रुपये किराया देने के बावजूद अपने मकान मालिक तक को नहीं जानते। ज्यादातर मामलों में छात्रों का संपर्क सीधे मालिक से नहीं, बल्कि ब्रोकर या बिचौलियों से होता है। छात्रों के मुताबिक, मकान मालिक सामने नहीं आते और किसी समस्या की स्थिति में ब्रोकर ही उनका एकमात्र सहारा होता है। इसके चलते कई बार खराब रखरखाव, पानी की समस्या और जर्जर इमारतों जैसी शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
