भारत-कनाडा के बीच और बढ़ी कड़वाहट! भारत ने 10 अक्टूबर तक 40 राजनयिकों को कनाडा से वापस बुलाया

India-Canada Row: कनाडा की धरती पर खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में आए तनाव की पृष्ठभूमि में नई दिल्ली ने ओटावा से देश (भारत) में अपने राजनयिकों की संख्या कम करने को कहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने 21 सितंबर को कहा था कि भारत में कनाडाई राजनयिक कर्मचारियों की संख्या कनाडा में मौजूदा भारतीय राजनयिक कर्मचारियों की तुलना में ज्यादा है

अपडेटेड Oct 03, 2023 पर 2:05 PM
Hardeep Singh Nijjar को एक सिख सांस्कृतिक केंद्र के बाहर 18 जून को गोली मार दी गई थी

India-Canada Row: फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या पर दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच भारत ने कनाडा से अपने दर्जनों राजनयिक कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए कहा है। मामले से परिचित लोगों ने अखबार को बताया कि नई दिल्ली ने ओटावा से कहा है कि उसे 10 अक्टूबर तक लगभग 40 राजनयिकों को वापस भेजना होगा। सिख अलगाववादी नेता और कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंध गंभीर रूप से तनावपूर्ण हो गए हैं।

अखबार के मुताबिक, कनाडा के भारत में फिलहाल 62 राजनयिक हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार ने लगभग 40 कनाडाई राजनयिकों को 10 अक्टूबर के बाद नई दिल्ली में रुकने पर 'राजनयिक छूट रद्द करने' की धमकी दी है।

कनाडा से अपनी राजनयिक उपस्थिति कम करने के लिए कहने के भारत के फैसले को उसके द्वारा निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की 'संभावित' संलिप्तता के संबंध में ट्रूडो के आरोपों से उत्पन्न राजनयिक विवाद पर कड़ा रूख अख्तियार करने के रूप में देखा जा रहा है।


भारत ने मंगलवार को कनाडा के आरोपों को 'बेतुका' और (निजी हितों से) 'प्रेरित' बताकर उन्हें सिरे से खारिज कर दिया था। इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के जवाब में उसने भी एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को देश से निष्कासित कर दिया।

निज्जर की हत्या के बाद बढ़ा तनाव

खालिस्तानी अलगाववादी निज्जर की 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया में दो नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। भारत ने निज्जर को 2020 में आतंकवादी घोषित किया था। निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।

कनाडा की धरती पर खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में आए तनाव की पृष्ठभूमि में नई दिल्ली ने ओटावा से देश (भारत) में अपने राजनयिकों की संख्या कम करने को कहा है।

भारत ने कहा- राजनयिकों की संख्या बराबर होनी चाहिए

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने 21 सितंबर को कहा था कि भारत में कनाडाई राजनयिक कर्मचारियों की संख्या कनाडा में मौजूदा भारतीय राजनयिक कर्मचारियों की तुलना में ज्यादा है। पारस्परिक उपस्थिति के संदर्भ में संख्याबल और रैंकों में समानता होनी चाहिए।

मीडिया से बातचीत में बागची ने कहा था, "हमने कनाडा सरकार को सूचित किया है कि हमारी पारस्परिक राजनयिक उपस्थिति में संख्याबल और रैंक समतुल्यता में समानता होनी चाहिए। यहां उनकी संख्या कनाडा में हमारी (भारतीय राजनयिकों की) तुलना में बहुत अधिक है। इसके विवरण पर काम किया जा रहा है।"

ये भी पढ़ें- बिहार जाति जनगणना पर चर्चा के लिए CM नीतीश कुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

उन्होंने कहा, "मेरा अनुमान है कि कनाडा द्वारा संख्याबल में कमी की जाएगी।" इस बीच, बाइडेन प्रशासन ने भारत सरकार से हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग करने का आग्रह किया। कनाडा ने कहा कि वह भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा कर रहा है। उसने दावा किया कि उसके कुछ कर्मचारियों को विभिन्न सोशल मीडिया पर धमकियां मिली हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।