G20 आमंत्रण विवाद (G20 Invitation Row) के बाद एक और ताजा विवाद सामने आया है। बुधवार को बीजेपी नेता संबित पात्रा की तरफ से शेयर किए गए एक पोस्ट में, इंडोनेशिया (Indonesia) की आसियान यात्रा के लिए पीएम मोदी को "प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत" (Prime Minister of Bharat) कहा गया है। दूसरी तरफ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को केंद्र के विचार का बचाव किया। एक इंटरव्यू के दौरान जयशंकर ने कहा कि 'भारत' (Bharat) शब्द का मतलब संविधान में भी मिलता है।
जयशंकर ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “इंडिया, यानी भारत, संविधान में है। कृपया, मैं सभी को इसे पढ़ने के लिए आमंत्रित करूंगा।" मंत्री से विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया। साथ ही ये पूछा कि क्या सरकार G20 शिखर सम्मेलन के अनुरूप इंडिया को "भारत" के नाम से रिब्रांड करना चाहती है?
जयशंकर ने ANI से कहा, “देखिये, जब आप भारत कहते हैं तो उसकी एक समझ और एक मतलब होता है और वो हमारे संविधान में भी देखने को मिलता है।”
राष्ट्रपति भवन की तरफ से 9 सितंबर के G20 रात्रिभोज के लिए 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' के नाम पर निमंत्रण भेजे जाने पर कांग्रेस ने मंगलवार को सरकार पर पलटवार किया। उसने कहा कि अब इस "यूनियन ऑफ स्टेट" पर भी हमला हो रहा है।
X पर एक पोस्ट में, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “तो खबर वास्तव में सच है। राष्ट्रपति भवन ने 9 सितंबर को G20 डिनर के लिए सामान्य 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' के नाम पर निमंत्रण भेजा है।"
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा, “अब, संविधान में अनुच्छेद 1 पढ़ा जाएगा: भारत, जो इंडिया था, राज्यों का एक संघ होगा। लेकिन अब इस 'राज्य संघ' पर भी हमला हो रहा है।"
वहीं 'भारत' शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूछा कि कांग्रेस पार्टी को "देश के सम्मान और गौरव से जुड़े हर विषय पर इतनी आपत्ति क्यों है?"
पोस्ट के साथ, उन्होंने यात्रा कार्यक्रम भी शेयर किया, जिसमें लिखा था, “प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया गणराज्य की यात्रा (20वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 18वां ईएएस शिखर सम्मेलन) 7 सितंबर, 2023।”
राष्ट्रपति भवन की तरफ से भारत के राष्ट्रपति के नाम पर 9 सितंबर के G20 डिनर के लिए निमंत्रण भेजे जाने के बाद I.N.D.I.A गठबंधन के विपक्षी नेताओं ने BJP सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि देश किसी राजनीतिक दल का नहीं है।
आसियान के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में इंडोनेशिया की तरफ से आयोजित 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधान मंत्री 6-7 सितंबर को दो दिन की यात्रा पर जकार्ता जाने वाले हैं।