Parliament Special Session: 18 सितंबर से शुरू होने वाला संसद का विशेष सत्र पुरानी बिल्डिंग में शुरू होगी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर संसदीय कामकाज नए संसद भवन में शिफ्ट हो जाएगा, जिसका उद्घाटन इस साल 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर को पुरानी इमारत में शुरू होगा और बाद में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 19 सितंबर को नई इमारत में शिफ्ट किया जाएगा। लोकसभा सचिवालय के एक नोटिस में कहा गया है कि 18 से 22 सितंबर तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय विशेष सत्र में प्रश्नकाल, शून्यकाल और प्राइवेट मेंबर्स का कामकाज शामिल नहीं होगा।
विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A.)' ने मंगलवार को कहा कि वह 18 सितंबर से बुलाए गए संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र में देश से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग करना चाहता है। लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि कि बैठक का विशेष एजेंडा क्या है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर I.N.D.I.A. के घटक दलों के दोनों सदनों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें सत्र से जुड़ी रणनीति पर चर्चा की गई।
सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
इस बीच, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि 18 सितंबर से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र के दौरान देश की आर्थिक स्थिति, जातीय जनगणना, चीन के साथ सीमा पर गतिरोध और अडाणी समूह से जुड़े नए खुलासों की पृष्ठभूमि में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग समेत 9 मुद्दों पर उचित नियमों के तहत चर्चा कराई जाए।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने पत्र में कहा कि देश की आर्थिक स्थिति, किसान संगठनों के साथ समझौते, अदाणी समूह से संबंधित जेपीसी की मांग, जातीय जनगणना कराने की मांग, संघीय ढांचे पर हमले, प्राकृतिक आपदा के प्रभाव, चीन के साथ सीमा पर तनाव, देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव और मणिपुर के मुद्दे पर विशेष सत्र में चर्चा की जाए। सोनिया गांधी ने कहा कि रचनात्मक सहयोग की भावना के तहत मैं आशा करती हूं कि संसद के आगामी सत्र में इन विषयों पर चर्चा कराई जाएगी।
सरकार ने बुलाया विशेष सत्र
संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा, जो 22 सितंबर तक चलेगा। राज्यसभा सचिवालय ने अपने बुलेटिन में कहा है, "सदस्यों को सूचित किया जाता है कि राज्यसभा का 261वां सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा। सत्र 18, 19 ,20, 21 और 22 सितंबर तक चलेगा।" सचिवालय सूत्रों के अनुसार, विशेष सत्र के दौरान दोनों सदनों में प्रश्नकाल और गैर सरकारी कामकाज नहीं होगा। संसद के इस विशेष सत्र के एजेंडे के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है। हालांकि यह सत्र 9 और 10 सितंबर को राष्ट्रीय राजधनी में G-20 शिखर बैठक के कुछ दिनों बाद आयोजित होने जा रहा है।
मोदी सरकार के अब तक के 9 सालों के कार्यकाल में पहली बार ऐसा संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इससे पहले हालांकि GST के लागू होने के अवसर पर जून 2017 की मध्यरात्रि को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक बुलाई गई थी।
आमतौर पर संसद के तीन सत्र होते हैं। इसमें बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र शामिल हैं। विशेष परिस्थितियों में संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने का प्रवधान है। संसद का मानसून सत्र 11 अगस्त को समाप्त हुआ था। हाल में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता और अमृत काल के दौरान भारत के लक्ष्य भी विशेष सत्र में चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं।