नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट ने बुधवार को भारत एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या ETF को मंजूरी दे दी है। यह देश का पहला कॉरपोरेट बॉन्ड ETF है। ETF के जरिए शेयर बाजार, कमोडिटी और सिक्योरिटी में निवेश करता है। शेयर बाजार में ETF उसी तरह ट्रेड करता है जैसे कोई शेयर करता है।
सरकारी कंपनियों की तरफ से जारी बॉन्ड का बास्केट या ग्रुप है जो सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (CPSE), CPSU, CPFI और किसी दूसरे सरकारी बॉन्ड पोर्टफोलियों में निवेश करता है।
भारत ETF के जरिए अब रिटेल इनवेस्टर्स भी बॉन्ड खरीद सकते हैं। इस ट्रेड फंड का मैनेजमेंट इडलवाइज एसेट मैनेजमेंट देखने वाला है। करीब दो साल तक सरकार और अलग-अलग शेयरहोल्डर्स की बातचीत के बाद भारत ETF को मंजूरी दी गई है।
बुधवार को निर्मला सीतारमण ने कहा, "यह पहला कॉरपोरेट बॉन्ड ETF होगा जो सरकारी कंपनियों और दूसरे सरकारी संगठनों को अतिरिक्त फंड मुहैया कराएगा।" इसमें सिर्फ ग्रोथ का ऑप्शन रहेगा। डिविडेंड का विकल्प इसमें नहीं है।
यह किसी CPSE,CPSU, CPFI या किसी भी सरकारी बॉन्ड में निवेश करेगा।
एक्सचेंज पर बॉन्ड में ट्रेडिंग हो सकेगी।
न्यूनतम यूनिट साइज 1000 रुपए का है।
ट्रांसपेरेंट NAV (दिन भर में LIVE NAV )
ट्रांसपेरेंट पोर्टफोलियो (वेबसाइट पर रोज ब्योरा)
इस ETF से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल CPSU, CPSEs और दूसरी सरकारी कंपनियों की फंडिंग के लिए होगा।
हर ETF की एक तय मेच्योरिटी तारीख होगी।
अभी इसकी मेच्योरिटी की तारीख 3 से 10 साल के लिए है।