भारत ने साल 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation -ISRO) ने उद्योग जगत के सामने अपना एक प्लान पेश किया है। इसरो भारी-भरकम पेलोड कक्षा में स्थापित करने और दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले रॉकेट बनाने की कोशिश में है। ऐसे रॉकेट को अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान (Next-Generation Launch Vehicle - NGLV) कहा गया है।
