जालना हिंसा: 'क्या हम पाकिस्तानी हैं?' पुलिस लाठीचार्ज के बाद मराठा कार्यकर्ता ने की ये मांग, मुंबई तक पहुंचा आंदोलन

Jalna Violence: विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में कुछ निजी वाहनों और कम से कम 15 राज्य परिवहन बसों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। पुलिस ने हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए 360 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार की घटनाओं को लेकर राज्य की शिवसेना-बीजेपी सरकार पर निशाना साधा

अपडेटेड Sep 03, 2023 पर 4:16 PM
Jalna Violence: पुलिस लाठीचार्ज के बाद मराठा कार्यकर्ता ने की ये मांग, मुंबई तक पहुंचा आदोलन

Jalna Violence: सेंट्रल महाराष्ट्र (Maharashtra) के जालना (Jalna) जिले में मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) के लिए विरोध प्रदर्शन (Protest) शुक्रवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके बाद कम से कम एक दर्जन पुलिस अधिकारी घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और धुले-सोलापुर रोड के अंतरवाली गांव में भीड़ पर आंसू गैस के गोले भी दागे।

विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में कुछ निजी वाहनों और कम से कम 15 राज्य परिवहन बसों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। पुलिस ने हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए 360 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार की घटनाओं को लेकर राज्य की शिवसेना-बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा की और मांग की कि सरकार राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए कदम उठाए।


Jalna Violence Latest Updates:

  • मराठा आरक्षण का विरोध मुंबई के मरीन ड्राइव तक पहुंचा

मराठा आरक्षण के लिए प्रदर्शनकारी रविवार सुबह मुंबई के मरीन ड्राइव पर इक्ट्ठा हुए। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां हो रहे विरोध प्रदर्शन के कारण इलाके में भारी पुलिस तैनात करनी पड़ी है।

कथित तौर पर, प्रदर्शनकारियों ने इलाका खाली करने और विरोध प्रदर्शन को आजाद मैदान में शिफ्ट करने के अनुरोध को खारिज कर दिया।

  • दादर, घाटकोपर में मराठा आरक्षण के लिए ताजा विरोध प्रदर्शन

मुंबई के दादर और घाटकोपर में मराठा और OBC आरक्षण के लिए ज्यादा विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

  • आरक्षण के लिए विरोध जारी, 'क्या हम पाकिस्तानी हैं..' जारांगे का सवाल

मराठा और OBC के लिए आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के शुक्रवार को हिंसक रूप लेने के बाद विरोध प्रदर्शन का चेहरा बने मनोज जारांगे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन बंद नहीं किया जाएगा।

Hindustan Times की रिपोर्ट में जारांगे के हवाले से कहा गया है, "गोलियां चलाई गईं, और हम पर अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया गया। महिलाओं को भी पीटा गया। क्या हम पाकिस्तानी हैं या उस देश में हमारे रिश्तेदार हैं? उन्होंने गोली क्यों चलाई? हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक हमें आरक्षण नहीं मिल जाता, (CM) शिंदे को जितनी चाहे उतनी गोलियां चलाने दीजिए।"

  • उद्धव ठाकरे ने मराठों, OBC के लिए आरक्षण की मांग की, फडणवीस का इस्तीफा मांगा

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को मांग की कि केंद्र इस महीने के आखिर में बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में मराठों और OBC को आरक्षण प्रदान करे।

ठाकरे ने शाम को जालना का भी दौरा किया और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने दोहराया कि केंद्र को एक ऐसा कानून लाना चाहिए, जिससे मराठा समुदाय को आरक्षण मिल सके और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले हटा दिए जाएं।

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ठाकरे ने शिव सेना (UBT) कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शुक्रवार शाम जालना में मराठों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज करने की "सरकारी क्रूरता" की आलोचना की।

उन्होंने पूछा, "किसी के निर्देश के बिना पुलिस कैसे व्यवहार कर सकती है।"

प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर शिव सेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने भी जालना प्रशासन के खिलाफ मुंबई के लालबाग में विरोध प्रदर्शन किया।

  • मराठा आरक्षण के लिए विरोध क्या है?

मनोज जारांगे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मंगलवार से गांव में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे।

राज्य सरकार की तरफ से मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में दिए गए आरक्षण को मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे आधारों के अलावा कुल आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा का हवाला देते हुए रद्द कर दिया था।

अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों से बात की थी और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया।

गुरुवार को, अंबाद तहसील के वाडिगोदरी गांव में दुकानें और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि हफ्ते की शुरुआत में शाहगढ़ में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था।

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