जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आज (20 अगस्त) सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। एक बार नहीं दो बार भूकंप के झटके लगे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.8 और 4.9 मापी गई। इसकी गहराई 5 किमी बताई जा रही है। इसी वजह से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। वहीं अचानक तेज भूकंप के झटकों से पूरी घाटों में लोगों के बीच हड़कंप मच गया। लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर दौड़ पड़े। सुबह-सुबह आए इस भूकंप के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। राहत की बात यह रही कि इस भूकंप में किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के अनुसार, पहला भूकंप, जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.9 थी। सुबह 6:45 बजे आया। यह 34.17 उत्तरी अक्षांश और 74.16 पूर्वी देशांतर पर, 5 किलोमीटर की गहराई पर आया। इसका केंद्र उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में था। इसके 7 मिनट बाद सुबह 6:52 बजे 4.8 तीव्रता का एक और भूकंप आया। यह 34.20 उत्तरी अक्षांश तथा 74.31 पूर्वी देशांतर पर, 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसका केंद्र भी बारामूला में था।
धरती के ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी हैं। जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं। वहां भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है। भूकंप तब आता है, जब ये प्लेट्स एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती हैं। ऐसे में जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर होती हैं। तब ऐसी स्थिति में जमीन हिलने लगती है। इसे ही भूकंप कहा जाता है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।
1 - आपदा वैसे तो संभलने का मौका नहीं देती लेकिन थोड़ा चौकन्ना रहकर आप जिंदगी बचाने की कोशिश जरूर कर सकते हैं। जानिए भूकंप जैसी स्थिति से निपटने के लिए आप कैसे तैयार रह सकते हैं।
2 - भूकंप के झटके जैसे ही महसूस हों तुरंत बिना देर किए घर, ऑफिस से निकल खुली जगह पर निकल जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें।
3 - बाहर जाने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल कतई न करें। सीढ़ियों से ही नीचे पहुंचने की कोशिश करें।
4 - अगर आप किसी ऐसी जगह हैं जहां बाहर जाने का कोई फायदा नहीं है तो सही यह होगा कि अपने आस-पास ही ऐसी जगह खोजें जिसके नीचे छिप कर खुद को बचाया जा सके। ध्यान रखें भूकंप के समय भागे नहीं इससे नुकसान की संभावना ज्यादा होगी।
5 - भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर रहें ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे।
6 - टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं।
7 - कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं।
8 - खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चोट लग सकती है।
9 - गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले मैदान में गाड़ी रोक लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।