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Jammu and Kashmir Earthquake: सुबह-सुबह से जम्मू-कश्मीर में कांपी धरती, दो बार लगे भूकंप के झटके, 4.9 रही तीव्रता

Jammu and Kashmir Earthquake: जम्मू-कश्मीर की धरती आज (20 अगस्त 2024) दो बार कांप उठी। राज्य के बारामूला में भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह भूकंप सुबह 6.45 बजे आया था। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि सो रहे लोगों की नींद खुल गई और सभी अपने घरों से बाहर निकल आए

Jitendra Singhअपडेटेड Aug 20, 2024 पर 8:44 AM
Jammu and Kashmir Earthquake: सुबह-सुबह से जम्मू-कश्मीर में कांपी धरती, दो बार लगे भूकंप के झटके, 4.9 रही तीव्रता
Jammu and Kashmir Earthquake: रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.8 और दूसरी बार में 4.9 मापी गई।

जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आज (20 अगस्त) सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। एक बार नहीं दो बार भूकंप के झटके लगे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.8 और 4.9 मापी गई। इसकी गहराई 5 किमी बताई जा रही है। इसी वजह से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। वहीं अचानक तेज भूकंप के झटकों से पूरी घाटों में लोगों के बीच हड़कंप मच गया। लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर दौड़ पड़े। सुबह-सुबह आए इस भूकंप के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। राहत की बात यह रही कि इस भूकंप में किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के अनुसार, पहला भूकंप, जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.9 थी। सुबह 6:45 बजे आया। यह 34.17 उत्तरी अक्षांश और 74.16 पूर्वी देशांतर पर, 5 किलोमीटर की गहराई पर आया। इसका केंद्र उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में था। इसके 7 मिनट बाद सुबह 6:52 बजे 4.8 तीव्रता का एक और भूकंप आया। यह 34.20 उत्तरी अक्षांश तथा 74.31 पूर्वी देशांतर पर, 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसका केंद्र भी बारामूला में था।

जानिए क्यों आता है भूकंप

धरती के ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी हैं। जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं। वहां भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है। भूकंप तब आता है, जब ये प्लेट्स एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती हैं। ऐसे में जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर होती हैं। तब ऐसी स्थिति में जमीन हिलने लगती है। इसे ही भूकंप कहा जाता है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।

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