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IT सेक्टर में हायरिंग को लेकर हालात अच्छे नहीं, हेल्थकेयर और इंफ्रा सेक्टरों में भर्तियों में डबल डिजिट ग्रोथ

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में भर्तियों में रिकवरी का कोई संकेत नहीं है। इंफो एज के CEO हितेश ओबेरॉय ने एनालिस्ट्स के साथ कॉल में बताया कि कई तिमाहियों के स्लोडाउन के बाद भी आईटी सेक्टर में भर्ती में रिकवरी देखने को नहीं मिल रही है। यहां तक कि बड़े ग्लोबल सेंटर भी टेक्नोलॉजी एग्जिक्यूटिव की भर्ती पर रोक लगा रहे हैं। इंफो एज, जॉब पोर्टल Naukri.com की पैरेंट कंपनी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 07, 2023 पर 9:33 PM
IT सेक्टर में हायरिंग को लेकर हालात अच्छे नहीं, हेल्थकेयर और इंफ्रा सेक्टरों में भर्तियों में डबल डिजिट ग्रोथ
कई IT कंपनियां इस साल नई भर्तियों के लिए कैंपस भी नहीं जा रही हैं।

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में भर्तियों में रिकवरी का कोई संकेत नहीं है। इंफो एज (Info Edge) के CEO हितेश ओबेरॉय ने एनालिस्ट्स के साथ कॉल में बताया कि कई तिमाहियों के स्लोडाउन के बाद भी आईटी सेक्टर में भर्ती में रिकवरी देखने को नहीं मिल रही है। यहां तक कि बड़े ग्लोबल सेंटर भी टेक्नोलॉजी एग्जिक्यूटिव की भर्ती पर रोक लगा रहे हैं। इंफो एज, जॉब पोर्टल Naukri.com की पैरेंट कंपनी है। सितंबर तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ फ्लैट रही है। आईटी सर्विसेज के क्लाइंट्स से बिलिंग में सालाना आधार पर गिरावट की वजह से कंपनी की ग्रोथ फ्लैट रही।

ओबेरॉय के मुताबिक, हालांकि संबंधित अवधि में हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नॉन-आईटी सेक्टरों में भर्तियों में डबल डिजिट ग्रोथ रही है। उन्होंने एनालिस्ट्स को बताया, 'हमें नहीं पता कि आईटी सेक्टर में हायरिंग में कब रिकवरी होगी। हमें जमीनी स्तर पर अभी इसका कोई संकेत नहीं मिल रहा है। कई कंपनियां भर्ती करने से पहले अपने एक्सट्रा आईटी प्रोफेशनल्स से मुक्त होना चाहेंगी। कई कंपनियां इस साल नई भर्तियों के लिए कैंपस भी नहीं जा रही है।'

उन्होंने कहा, 'हम ग्लोबल कैपेबलिटी सेंटरों के साथ भी काम करते हैं और यहां तक कि बड़ी इकाइयों पर भी स्लोडाउन का असर है। हालांकि, हमने अपनी आईटी हायरिंग की कैटगरी सही तरीके से तैयार नहीं की है, लेकिन हमारा अनुमान है कि आईटी से संबंधित हमारा 15-20 पर्सेंट बिजनेस ग्लोबल कैपेबलिटी सेटरों का है।' संबंधित तिमाही में रिक्रूटमेंट बिजनेस से कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 9.1 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई।

एनालिस्ट्स के साथ कॉल में ओबेरॉय का यह भी कहना था कि नौकरी प्लेटफॉर्म पर आईटी हायरिंग की वॉल्यूम में गिरावट आई है, जबकि सेक्टर द्वारा ऑफर की गई सैलरी में तकरीबन 15 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है। इससे इस प्लेटफॉर्म को ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने में मदद मिली। इससे पहले मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सर्विसेज फर्म टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro) और एचसीएल टेक (HCL Tech) ने सितंबर तिमाही में कुल 28,836 एंप्लॉयीज की भर्ती की, जो पिछली साल की इसी तिमाही के मुकाबले 45 पर्सेंट कम है। पिछले साल की सितंबर तिमाही के दौरान इन कंपनियों ने 52,842 एंप्लॉयीज की भर्ती की थी।

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