Wipro के एंप्लॉयीज के लिए हफ्ते में तीन दिन ऑफिस आना जरूरी, 15 नवंबर से लागू होगा नियम

देश की चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सर्विसेज फर्म विप्रो 15 नवंबर से हाइब्रिड वर्क पॉलिसी लागू करेगी। इसके तहत, कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम 3 दिन ऑफिस आना पड़ेगा। इससे पहले टीसीएस और इंफोसिस ने भी एंप्लॉयीज के लिए 'वर्क फ्रॉम ऑफिस' पॉलिसी का ऐलान किया था। टीसीएस ने एंप्लॉयीज के लिए हफ्ते में पांच दिन ऑफिस आना जरूरी कर दिया है, जबकि इंफोसिस ने एंप्लॉयीज को महीने में 10 दिन ऑफिस आने को कहा है

अपडेटेड Nov 06, 2023 पर 7:37 PM
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विप्रो ने चेतावनी दी है कि अगर एंप्लॉयीज नई हाइब्रिड वर्क पॉलिसी का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

देश की चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सर्विसेज फर्म विप्रो (Wipro) 15 नवंबर से हाइब्रिड वर्क पॉलिसी लागू करेगी। इसके तहत, कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम 3 दिन ऑफिस आना पड़ेगा। इससे पहले टीसीएस (TCS) और इंफोसिस (Infosys) ने भी एंप्लॉयीज के लिए 'वर्क फ्रॉम ऑफिस' पॉलिसी का ऐलान किया था। टीसीएस ने एंप्लॉयीज के लिए हफ्ते में पांच दिन ऑफिस आना जरूरी कर दिया है, जबकि इंफोसिस ने एंप्लॉयीज को महीने में 10 दिन ऑफिस आने को कहा है।

विप्रो के एचआर ऑफिसर सौरभ गोविल (Saurabh Govil) की मेल में कहा गया है, '15 नवंबर से सभी एंप्लॉयीज को हर हफ्ते कम से कम तीन दिन ऑफिस आना होगा। इस बदलाव का मकसद टीमवर्क को बढ़ावा देना, एक-दूसरे के बीच ज्यादा से ज्यादा इंटरएक्शन के लिए गुंजाइश बनाना और विप्रो के कल्चर को मजबूत बनाना है।' इस ईमेल की कॉपी मनीकंट्रोल (Moneycontrol) के पास भी है। साथ ही, इस बात की भी पुष्टि की गई है कि यह ईमेल विप्रो के सीनियर एग्जिक्यूटिव द्वारा भेजी गई है।

मेल के मुताबिक, पॉलिसी में बदलाव से कम्युनिकेशन को बढ़ावा मिलेगा, समस्याओं को ज्यादा तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी, टीम बनाना आसान होगा और सहकर्मियों के बीच रिश्ते मजबूत होंगे। इसके अलावा, विप्रो ने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि अगर एंप्लॉयीज नई हाइब्रिड वर्क पॉलिसी का पालन नहीं करते हैं, तो 7 जनवरी, 2024 से उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


ईमेल में कहा गया है, 'हमारा मानना है कि हमारी कंपनी की ग्रोथ और सफलता के लिए जवाबदेही जरूरी है।' दूसरी तिमाही में विप्रो की ग्रोथ बाकी समकक्ष कंपनियों के मुकाबले काफी कमजोर रही है। संबंधित अवधि में कंपनी के प्रॉफिट और रेवेन्यू में गिरावट हुई और तीसरी तिमाही के लिए कंपनी की गाइडेंस भी उत्साहजनक नहीं है।

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