Kanwar Yatra: उत्तराखंड (Uttarakhand) के हरिद्वार (Haridwar) में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण बीते दिनों में गंगा नदी (Ganga River) का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जिसके कारण नदी में तेज बहाव है। तेज बहाव के चलते हरिद्वार में एक बड़ा हादसा टल गया है। 7 कांवड़ यात्री बह गए। जिसे पुलिस और सेना ने जॉइंड ऑपरेशन चलाकर डूबने से बचा लिया। ये सभी कांवड़िए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के बताए जा रहे हैं।
सावन का महीना चल रहा है। ऐसे में भगवान भोले नाथ को जल अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए उत्तराखंड के हरिद्वार में पहुंच रहे हैं। इस बार प्रशासन ने काफी सतर्कता बरती है। चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है। ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को टाला जा सके।
उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी में बीते कुछ दिनों से काफी तेज बहाव है। जिसमें 7 कावंड़िए बह गए। जिस पर सेना और पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए जॉइंट ऑपरेशन के जरिए इन्हें डूबने से बचा लिया। जोनल मजिस्ट्रेट नरेश चौधरी (Naresh Chaudhary) ने कहा कि सेना की तैराक दल ने अब तक 18 कावड़ियों को बचाया है। हम घाटों पर लोगों से तेज प्रवाह में न जाने की अपील भी करते हैं। कल भी एक महिला तेज प्रवाह में बह गई थी जिनको बचाया गया। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बता दें कि हरिद्वार में गंगा स्नान करने के लिए हर रोज भक्तों का तांता लगा रहता है।
गंगा में तेज बहाव के कारण कावड़ियों के बहने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिखाया गया है कि नदी के तेज बहाव में कावड़ियों का एक झुंड बहते हुए जा रहा है। बाद में सेना और SDRF की टीम के कुछ सदस्य उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगाते हैं। उसके बाद बह रहे युवकों को बाहर निकाला जा रहा है। इस दौरान हरिद्वार के इस गंगा घाट पर भक्तों का भारी जमावड़ा भी देखा जा सकता है। हालांकि स्थानिय प्रशासन लगातार भक्तों से नदी के तेज धार में नहीं जाने और किनारे बनाए गए घाटों पर ही स्नान करने की अपील कर रहा है।