कर्नाटक सरकार ने प्रवासी कामगारों को झटका देते हुए स्पेशल ट्रेन कैंसल कर दी है। कर्नाटक से घर लौटने की उम्मीद कर रहे मजदूरों को बड़ा झटका लगा है। अभी तक वे इस उम्मीद में थे कि स्पेशल ट्रेन का फायदा उन्हें भी मिलेगा और वो अपने घर लौट सकेंगे। लेकिन अब एकबार फिर उनकी मुश्किल बढ़ गई है। कर्नाटक सरकार का यह फैसला आज यानी 6 मई से लागू हुआ है।

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि कर्नाटक सरकार ने यह फैसला क्यों किया है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने यह फैसला सिटी बिल्डर्स से मुलाकात के बाद किया है। ज्यादातर राज्यों में प्रवासी मजदूर कंस्ट्रक्शन के कामों में लगे हुए हैं। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि बिल्डर्स के कहने पर सीएम ने स्पेशल ट्रेन कैंसल कर दी है।

प्रिंसिपल सेक्रेटरी और प्रवासी मजदूरों के नोडल ऑफिसर एन मंजूनाथ प्रसाद ने एक लेटर में साउथ वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर को लिखा है कि अब और ट्रेन की जरूरत नहीं है। मंजूनाथ ने एक पुराने लेटर में 6 मई को तीन ट्रेन चलाने को कहा था। लेकिन अब उन्होंने नया लेटर देकर कहा कि इसकी जरूरत नहीं है। कर्नाटक से ये ट्रेन बिहार आने वाली थी। इस बीच मंगलवार को बेंगलुरु में चिक्काबनावरा से जयपुर के लिए 1198 मजदूरों को लेकर एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चली है।

1 मई से लेकर अभी तक 70,000 प्रवासी मजदूर देश के अलग-अलग कोनों से श्रमिक स्पेशल ट्रेन  से अपने घर पहुंचे हैं। बेंगलुरु के आसपास करीब 2.5 लाख मजदूर काम करते हैं जिन्होंने घर लौटने की मंजूरी के लिए आवेदन किया था।

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