Kolkata Doctor Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपी संजय रॉय अपनी पूर्व पत्नी को हमेशा बेरहमी से पीटता था। आरोपी की सास ने दावा किया है कि संजय ने अपनी 3 महीने की गर्भवती पत्नी को "पीटा" और उसका जबरन गर्भपात करवा दिया। उन्होंने मांग की है कि संजय को उसके अपराधके लिए फांसी दी जाए। कोलकाता के सरकारी आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त को कथित बलात्कार के बाद डॉक्टर की हत्या कर दी गई थी। आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव रहस्यमय परिस्थितियों में मिला था।
आरजी कर अस्पताल मामले के आरोपी की सास दुर्गा देवी ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "संजय रॉय के साथ हमारे रिश्ते अच्छे नहीं थे। वो हमारी बेटी के साथ दुर्व्यवहार करता था। उसके साथ मारपीट करता था। उसके 3 महीने के बच्चे का गर्भपात हो गया था... वो सिविक पुलिस में काम करता था। उसकी पहले एक शादी हुई थी। मेरी बेटी के साथ उसकी दूसरी शादी थी। हमारी बेटी के अंतिम समय में उसकी दवाई का खर्च हमने किया। संजय ठीक नहीं था उसे अब फांसी पर चढ़ाएं या कुछ... वह यह काम अकेले नहीं कर सकता था। उसके पास अकेले ऐसा करने की क्षमता नहीं है...अगर उसने कुछ गलत किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "उसे फांसी पर लटका दो या जो चाहो करो। मैं अपराध (कोलकाता रेप-मर्डर केस के बारे में) के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी।" कोलकाता के आरजी कर कांड के आरोपी संजय रॉय की कई शादियां असफल रहीं। पुलिस को उसके मोबाइल फोन पर पोर्न भी मिला है। पुलिस कल्याण बोर्ड में सिविक वालंटियर के रूप में अपनी भूमिका के कारण संजय के पास अस्पताल के कई विभागों तक आसान पहुंच थी। उसकी गतिविधियां काफी संदिग्ध पाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों ने यह भी कहा कि संजय का अस्पताल में महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार करने का इतिहास रहा है।
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त को कथित बलात्कार के बाद जिस डॉक्टर की हत्या कर दी गई थी उसके माता-पिता ने उसके शव को संभालने के तौर-तरीके को लेकर चिंता प्रकट की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस वारदात के बाद अस्पताल के सेमिनार हॉल में उनकी बेटी का पार्थिव शव जिस हालत में मिला था, वह प्रारंभ में उसी दशा में नहीं था। मृतका के माता-पिता ने पत्रकारों से बातचीत में पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की कि वह बलात्कार के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सार्वजनिक विरोध के बावजूद स्वतःस्फूर्त सार्वजनिक आक्रोश को दबाने का प्रयास कर रही है।
उत्तरी 24 परगना जिले में अपने निवास से उसके पिता ने कहा, "हम लोगों की आवाज़ दबाने और न्याय के आंदोलन को रोकने की किसी भी कोशिश की निंदा करते हैं, क्योंकि इस घटना में एक व्यक्ति शामिल नहीं है। हमें उम्मीद है कि सीबीआई जांच से सच्चाई सामने आएगी।" जब उनसे यह पूछा गया कि उनकी बेटी का शव किस हालत में मिला, तो माता-पिता ने परेशान करने वाले डिटेल्स बताए।
पीटीआई के मुताबिक पिता ने बताया, "हमें बताया गया कि हमारी बेटी का शव शुरू में उसी स्थिति में नहीं मिला था, जैसा कि बाद में सेमिनार हॉल में रखा गया था। हम ज्यादा कुछ नहीं कह सकते, क्योंकि जब हम खबर सुनकर अस्पताल पहुंचे तो हमें शव को सीधे नहीं देखने दिया गया।"
वहीं, पीड़िता के मां ने कहा, "हमें कुछ लोगों ने बताया कि शव के कुछ हिस्से पर कपड़ा नहीं था।" हालांकि, पिता ने बीच में ही टोकते हुए कहा, "हम इस मुद्दे पर बात नहीं कर सकते क्योंकि हमें उस जगह तक पहुंच नहीं थी जहां शव रखा गया था। कृपया हमसे ये सवाल न पूछें क्योंकि सीबीआई जांच चल रही है।"