श्रद्धालुओं ने बुधवार तड़के हरिद्वार (Haridwar) में गंगा में तीसरे और सबसे बड़े "शाही स्नान" या कहें कि कुंभ मेले (Kumbh 2021) के शाही स्नान (Shahi Snan) के लिए पवित्र स्नान किया। इसी तरह के चार शाही स्नान और नौ गंगा स्नान इस साल हरिद्वार में होंगे। पहला शाही स्नान 11 मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर था, जबकि दूसरा 12 अप्रैल (सोमवार) को सोमवती अमावस्या पर आयोजित किया गया था।

पुलिस महानिरीक्षक और कुंभ मेला प्रभारी संजय गुंज्याल ने कहा, "बैसाखी का स्नान चारों शाही स्नान और कुंभ के संयुक्त 11 स्नानों में से सबसे बड़ा माना जाता है। 2010 में यहां पहुंचे 1.60 करोड़ लोगों की तुलना में, जिसकी तस्वीर सैटेलाइट द्वारा ली गई थी, इस साल लगभग 6 लाख लोग बैशाखी पर यहां पहुंचे।"

वहीं मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि तीसरे शाही स्नान के दौरान वे Covid-19 दिशानिर्देशों का पालन करें, जैसे कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और हाथों को सैनिटाइज करना। उन्होंने कहा कि हर की पौड़ी पर हर एक अखाड़े द्वारा पवित्र डुबकी के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है, जबकि बाकी घाट (नदी तट) श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।

उत्तराखंड सरकार के आंकड़ों के द्वारा सोमवार को यहां करीब 35 लाख लोग मौजूद, जिनमें से अधिकतर ने मास्क ने लगाया था। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले (Kumbh Mela) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा स्नान हैं।

हिंदू समुदाय के प्रमुख धर्मिक आयोजनों में से एक कुंभ मेला इस साल चल रहे कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी के कारण 30 दिनों तक सीमित रहा। सामान्य परिस्थितियों में, ये लगभग चार महीने तक चलता है। कुंभ भारत में चार अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया जाता है - नासिक (महाराष्ट्र), हरिद्वार (उत्तराखंड), प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), और उज्जैन (मध्य प्रदेश)।

उधर कई दूसरे राज्यों की तरह, उत्तराखंड में भी इस साल Covid-19 मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी है और मंगलवार को राज्य में 1,925 लोग संक्रमित पाए गए। पहाड़ी राज्य में संक्रमण के कारण इस दिन 10 और मौतें हुई हैं।

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