मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज महाकुंभ के संगम क्षेत्र में बुधवार तड़के पवित्र स्नान करने बड़ी संख्या में पहुंचे तीर्थयात्रियों के बीच भगदड़ मचने से कई लोग हताहत हुए। घटना के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया, लेकिन महाकुंभ नगर के DIG वैभव कृष्ण ने बताया कि चेंजिंग रूम का गेट भीड़ के दबाव से टूट गया और भीड़ के ऊपर ही गिर गया, जिससे वहां भगदड़ मची। हादसे को लेकर आधिकारिक तौर पर काफी कुछ खुलकर नहीं बताया जा रहा है, लेकिन स्थानीय रिपोर्ट में 15 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने भगदड़ में मरने वालों की संख्या के बारे में बिल्कुल चुप्पी साध रखी है, तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ‘हादसे’ को ‘अत्यंत दुखद’ करार दिया और इसमें अपने परिजनों को खोने वाले श्रद्धालुओं के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई।
DIG ने बताया क्यों मची महाकुंभ में भगदड़
हादसे के तुरंत बाद अखाड़ा परिषद ने एक बयान जारी कर सभी अखाड़ों का 'अमृत स्नान' स्थागित कर दिया था। हालांकि, स्थिति कंट्रोल में होने के बाद अमृत स्नान फिर से शुरू कर दिया गया।
हिंदुस्तान के मुताबिक, अमृत स्नान की व्यवस्था में लगे DIG वैभव कृष्ण ने बताया कि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया, 'अभी तक मिली जानकारी से, वहां पर तैनात पुलिस वालों और दूसरे लोगों से हुई बातचीत से पता चला कि भीड़ के दबाव में चेंजिंग रूम का कोई गेट गिर गया था। ये गेट भीड़ के एक हिस्से पर ही गिरा, जिससे पैनिक की स्थिति हो गई।'
अखाड़ों का 'अमृत स्नान' शुरू
अधिकारी ने आगे कहा, "ऐसी स्थिति तब होती है, जब कुछ लोग कपड़े उतारकर नहाने जा रहे होते हैं। कुछ लोग उस प्रोसेस में होते हैं, क्योंकि जगह कम होती है। इसी वजह से गेट गिरने के बाद भगदड़ मची है।"
अखाड़े के स्नान को लेकर DIG ने कहा कि अभी तक भीड़ बहुत ज्यादा थी, इसलिए अखाड़ों ने यह प्रस्ताव दिया कि पुलिस और प्रशासन फिलहाल भीड़ पर ध्यान दे। उसके बाद हम लोग स्नान को लिए निकलेंगे। अब अखाड़ों का रास्ता और घाट भी तैयार हैं और अखाड़े स्नान के लिए आ रहे हैं।