Mann Ki Baat: त्योहारों पर मेड इन इंडिया प्रोडक्ट ही खरीदें, पीएम मोदी ने की लोगों से अपील

Mann Ki Baat: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (29 सितंबर 2024) देश वासियों को मन की बात जरिए संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारी यात्रा को 10 साल हो चुके हैं। यह कार्यक्रम विजयादशमी के दिन शुरू हुआ था। 10 साल पूरे होने के समय नवरात्रि का पहला दिन होगा। मन की बात के कई पड़ाव हैं जिन्हें मैं भूल नहीं सकता

अपडेटेड Sep 29, 2024 पर 12:09 PM
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Mann Ki Baat: मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकॉस्ट किया जाता है।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया।  इस दौरान उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम के 10 साल पूरे होने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। 'मन की बात' में एक बार फिर हमें जुड़ने का अवसर मिला है। आज का ये एपिसोड मुझे भावुक करने वाला है, मुझे बहुत सी पुरानी यादों से घेर रहा है। कारण ये है कि 'मन की बात' की हमारी इस यात्रा को 10 साल पूरे हो रहे हैं। 10 साल पहले 'मन की बात' की शुरुआत 3 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन हुआ था। ये कितना पवित्र संयोग है, कि इस साल 3 अक्टूबर को जब 'मन की बात' के 10 साल पूरे होंगे। तब नवरात्रि का पहला दिन होगा। मोदी ने कहा कि मैं हमेशा भारत की महानता के गीत गाता रहूंगा। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं भी नवरात्र के दौरान उपवास रखते हैं।

बता दें कि यह कार्यक्रमण रेडियो में प्रसारित किया जाता है। आज 'मन की बात' कार्यक्रम का 114वां एपिसोड है। ये सुबह 11 बजे टेलीकास्ट किया जाता है। मन की बात' कार्यक्रम 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी सहित 11 विदेशी भाषाओं में प्रसारित किया जाता है।  मन की बात कार्यक्रम का आकाशवाणी और दूरदर्शन के पूरे नेटवर्क, आकाशवाणी समाचार वेबसाइट और न्यूसोनएयर मोबाइल ऐप पर प्रसारित किया जाता है। लोग पीएम मोदी को यूट्यूब चैनल पर भी इसे देख सकते हैं।

सफाई के लिए पुडुचेरी के माहे के युवाओं का अभिनंदन- पीएम मोदी


मन की बात के जरिए पीएम मोदी ने पुडुचेरी के समुद्र तट पर सफाई अभियान की चर्चा की। उन्होने कहा माहे म्युनिसिपालिटी और इसके आसपास के क्षेत्र के युवाओं की एक टीम इस अभियान का नेतृत्व कर रही है। इस टीम के लोग अपने प्रयासों से माहे एरिया और खासकर वहां के विशेष को पूरी तरह साफ सुथरा बना रहे हैं। मैं यहां सिर्फ दो प्रयासों की चर्चा की है। लेकिन, हम आसपास देखें तो पाएंगे कि देश के हर किसी हिस्से में स्वच्छता को लेकर कोई ना कोई अनोखा प्रयास जरूर चल रहा है। कुछ ही दिन बाद आने वाले 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन के 10 साल पूरे हो रहे हैं। यह अवसर उन लोगों के अभिनंदन का है, जिन्होंने इसे भारतीय इतिहास का इतना बड़ा जन आंदोलन बना दिया। पीएम मोदी ने कहा कि यह स्वच्छ भारत मिशन की ही सफलता है कि लोगों के बीच रिड्यूज, रीयूज और रीसायकल पर बात करने लगे है। इसके उदाहरण देने लगे हैं।

जल संरक्षण बहुत जरूरी है – पीएमम मोदी

मन की बात' के 114वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। बारिश का यह मौसम हमें याद दिलाता है कि 'जल संरक्षण' कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि झांसी में कुछ महिलाओं ने घुरारी नदी को नया जीवन दिया है। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। उन्होनें 'जल सहेली' बनकर इस अभियान का नेतृत्व किया है।

इस गांव में रोजाना होती है 2 घंटे सफाई

पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक सीमावर्ती गांव 'झाला' है। यहां के युवाओं ने अपने गांव को साफ रखने के लिए एक खास पहल शुरू की है। वे अपने गांव में 'धन्यवाद प्रकृति' अभियान चला रहे हैं। इसके तहत गांव में रोजाना दो घंटे सफाई की जाती है। गांव की गलियों में बिखरे हुए कूड़े को समेटकर गांव के बाहर तय जगह पर डाला जाता है।

अमेरिका ने 300 कलाकृतियों को लौटाया - पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को अपनी विरासत पर बहुत गर्व है। मैं तो हमेशा कहता हूं कि विकास भी विरासत की यही वजह कि मुझे हाल की अपनी अमेरिका यात्रा के एक खास पहलू को लेकर बहुत सारे संदेश मिल रहे हैं। एक बार फिर हमारी प्राचीन कलाकृतियों की वापसी को लेकर बहुत चर्चा हो रही है। मैं इसे लेकर आप सब की भावनाओं को समझ सकता हूं। मन की बात के श्रोताओं को भी इस बारे में बताना चाहता साथियों अमेरिका की मेरी यात्रा के दौरान अमेरिकी सरकार में भारत को करीब 300 प्राचीन कलाकृतियों को वापस लौटा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पूरा अपनापन दिखाते हुए डेलावेयर शहर के अपने निजी आवास में इनमें से कुछ कलाकृतियों को मुझे दिखाई। लौटाई गईं कलाकृतियां टेराकोटा स्टोन, हाथी के दांत, लकड़ी, तांबे और कई कीमती चीजों से बनी हुई हैं। इनमें से कहीं तो कई 4000 साल पुरानी हैं।

मन की बात में चकोर पक्षी का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि 'मन की बात' ने साबित किया है कि देश के लोगों में सकारात्मक जानकारी की कितनी भूख है। सकारात्मक बातें, प्रेरणा से भर देने वाले उदाहरण, हौसला देने वाली गाथाएं, लोगों को बहुत पसंद आती हैं। जैसे एक पक्षी होता है 'चकोर', जिसके बारे में कहा जाता है कि वो सिर्फ वर्षा की बूंद ही पीता है। 'मन की बात' में हमने देखा कि लोग भी चकोर पक्षी की तरह देश की उपलब्धियों को, लोगों की सामूहिक उपलब्धियों को, कितने गर्व से सुनते हैं।

बंजर जमीन पर आई हरियाली

मध्य प्रदेश के छतरपुर में भी महिलाओं का प्रयास बहुत सराहनीय है। यहां के खोंप गांव का बड़ा तालाब जब सूखने लगा तो महिलाओं ने इसे पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया। 'हरी बगिया स्वयं सहायता समूह' की इन महिलाओं ने तालाब से बड़ी मात्रा में गाद निकाली। तालाब से जो गाद निकली उसका उपयोग उन्होंने बंजर जमीन पर फ्रूट फॉरेस्ट तैयार करने के लिए किया है।

वोकल फॉर लोकल जरूरी- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि देश की युवा शक्ति की वजह से दुनिया भर की नजरे हम पर हैं। ऑटोमोबाइल्स हो, टेक्सटाइल्स हो, एविएशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो, या फिर डिफेंस. लगातार बढ़ रहे देश में एफडीआई का लगातार बढ़ता दायरा भी हमारे मेक इन इंडिया के सफलता की कथा कह रहा है। अब हम मुख्य रूप से दो चीजों पर फोकस कर रहे हैं। पहला है क्वालिटी यानी हमारे देश में बनी चीजे ग्लोबल स्टैंडर्ड की हों। दूसरी- वोकल फॉर लोकल यानी स्थानीय चीजों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिले। मन की बात में हमने #माय प्रोडक्ट माय प्राइड की भी चर्चा की है।

ओडिशा की संथाली भाषा का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि संथाली को डिजिटल इनोवेशन से नई पहचान देने की कोशिश की गई है। भारत के अलावा नेपाल भूटान और बांग्लादेश में इसे बोलने वाले मौजूद हैं। ओडिशा के मयूरभंज के रामजी ने एक ऐसा प्लेटफार्म बनाया है। जहां संथाली भाषा का साहित्य पढ़ा जा सकता है। जब उन्होंने मोबाइल का इस्तेमाल शुरू किया तो उन्हें यह दुख हुआ कि संथाली को लेकर उसमें कुछ भी नहीं था।

एक पेड़ माँ के नाम

जब हमारे दृढ़ संकल्प के साथ सामूहिक भागीदारी का संगम होता है तो पूरे समाज के लिए अदभुत नतीजे सामने आते हैं। इसका सबसे ताजा उदाहरण है 'एक पेड़ मां के नाम'- ये अभियान अदभुत अभियान रहा। जन-भागीदारी का ऐसा उदाहरण प्रेरित करने वाला है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर शुरू किए गए इस अभियान में देश के कोने-कोने में लोगों ने कमाल कर दिखाया है।

मेड इन इंडिया पर जरूर फोकस करें- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में आप फिर से अपना पुराना संकल्प जरूर दोहराइए। कुछ भी समान हो वह ‘मेड इन इंडिया’ ही होना चाहिए। कुछ भी गिफ्ट देंगे.. सभी मेड इन इंडिया होने चाहिए।

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