Mann Ki Baat: मैं NCC का कैंडिडेट था, पूरे महीने ‘मन की बात’ का रहता है इंतजार – पीएम मोदी
Mann Ki Baat: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात के जरिए देशवासियो को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को NCC से जुड़ने की अपील की। इसके साथ लोगों को डिजिटल अरेस्ट के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने युवाओं के लिए कहा कि 12 जनवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में युवाओं का महाकुंभ लगने वाला है
Mann Ki Baat: 'मन की बात' कार्यक्रम आकाशवाणी के 500 से अधिक केंद्रों से प्रसारित होता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 24 नवंबर को देशवासियों को 'मन की बात' (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिए संबोधित किया। पीएम मोदी की 'मन की बात' कार्यक्रम का आज 116वां एपिसोड हैं। पीएम मोदी ने मन की बात की जरिए कहा कि इस कार्यक्रम का पूरे महीने मुझे इंतजार रहता है। मेरी कोशिश रहती है कि अधिक से अधिक संदेश पढ़े, आपके सुझावों को अमल में लाएं। उन्होंने आगे कहा कि आज का दिन बेहद खास है। आज NCC दिवस है। मैं खुद एनसीसी का कैंडिडेट रह चुका हूं। पीएम मोदी ने पिछली बार भी और इस बार भी डिजिटल अरेस्ट पर खास तौर से चर्चा की और लोगों को जागरूक किया।
पीएम मोदी ने मन की बात के जरिए आगे कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और सेवा की भावना पैदा करती है। जब भी कहीं आपदा होती है तो वहां मदद के लिए एनसीसी के कैडेट्स जरूर मौजूद होते हैं। आज एनसीसी को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अब एनसीसी में गर्ल्स कैडेट्स की संख्या 40 फीसदी अधिक हो गई है।
12 जनवरी को युवाओं का महाकुंभ
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की 162वीं जयंती है। इस बार इसे खास तरीके से मनाया जाएगा। इस अवसर पर 11 और 12 जनवरी को भारत मंडपम में युवाओं का महाकुंभ होने जा रहा है। इसमें करोड़ों युवा भाग लेंगे। आपको याद होगा कि मैं लाल किले की प्राचीर से ऐसे युवाओं को राजनीति में आने का आह्वान किया है। जिनके परिवार का कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है। ऐसे एक लाखों युवाओं को राजनीति से जोड़ने के लिए अभियान चलाए जाएंगे। इसमें देश और विदेश से एक्सपर्ट आएंगे। मैं भी इसमें ज्यादा से ज्यादा उपस्थित रहूंगा। देश इन आइडियाज को कैसे आगे लेकर जा सकता है। इसका एक ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा। देश की भावी पीढ़ी के लिए ये एक बड़ा मौका आने वाला है।
टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूकता
पीएम मोदी ने आगे कहा कि मन की बात में अक्सर ऐसे युवाओं की चर्चा करते हैं जो बिना किसी भाव के समाज के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे कई युवा हैं जो लोगों की समस्याओं का समाधान निकालने में जुटे हैं। लखनऊ के वीरेंद्र अपने क्षेत्र के बुजुर्गों की टेक्नोलॉजी के मामले में जागरूक कर रहे हैं। कई शहरों में युवा बुजुर्गों को डिजिटल क्रांति में हिस्सेदारी बनाने के लिए आगे आ रहे हैं। भोपाल के महेश ने कई बुजुर्गों को मोबाइल से पेमेंट करने के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
डिजिटल अरेस्ट से रहें सावधान
इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट से बचाने के लिए भी युवा लोगों को जागरूक कर रहे हैं। पिछले एपिसोड में मैंने चर्चा की थी। इस तरह के अपराध के शिकार ज्यादातर बुजुर्ग ही बनते हैं। हमें लोगों को समझाना होगा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी प्रावधान नहीं है। मुझे खुशी है कि युवा साथी इस काम में हिस्सा ले रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
गुयाना में मिनी इंडिया
'मन की बात' में पीएम मोदी ने आगे बताया कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर गुयाना में भी एक 'मिनी इंडिया' बसा हुआ है। करीब 180 साल पहले भारत से लोगों को खेतों में मजदूरी करने और दूसरे कामों के लिए गुयाना ले जाया जाता था। आज गुयाना में रहने वाले भारतीय मूल के लोग राजनीति, कारोबार, शिक्षा और संस्कृति के हर क्षेत्र में गुयाना का नेतृत्व कर रहे हैं। गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली भी भारतीय मूल के हैं और उन्हें अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है।
बेहद काम की है ओरल हिस्ट्री – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे बताया कि ओमान में एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी प्रोजेक्ट काफी दिलचस्प है। कई भारतीय प्रवासी परिवार ओमान में रह रहे हैं। इनमें से बहुत से लोगों के पास ओमान की नागरिकता है। लेकिन भारतीयता उनकी रग-रग में बसी हुई है। इनसे जुड़े दस्तावेजों को जुटाया गया है। ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट भी इसी का आधार है। इसमें वहां के वरिष्ठ लोगों ने अपने अनुभव शेयर किए हैँ। ऐसा ही एक प्रोजेक्ट भारत में भी हो रहा है। इसके तहत इतिहास प्रेमी देश के विभाजन काल के दौरान के लोगों के अनुभव एकत्र कर रहे हैं। आज ऐसे लोग बहुत कम ही बचे हैं, जिन्होंने उस काल को देखा था। जो देश अपने इतिहास को संजो कर रखता है, उसका भविष्य भी अच्छा होता है।
स्लोवाकिया में संस्कृति का संरक्षण
पीएम मोदी ने आगे बताया कि मुझे स्लोवाकिया में किए जा रहे ऐसे ही एक और प्रयास के बारे में पता चला है। यह हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन से जुड़ा है। यहाँ पहली बार हमारे उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद किया गया है। ये प्रयास भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाते हैं। हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि दुनिया भर में ऐसे करोड़ों लोग हैं जिनके दिल में भारत है।
'एक पेड़ मां के नाम अभियान' का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ महीने पहले हमने एक पेड़ मां के नाम अभियान शुरू किया था। इस अभियान में देश-भर के लोगों ने बहुत उत्साह से हिस्सा लिया। मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि इस अभियान ने 100 करोड़ पेड़ लगाने का अहम पड़ाव पार कर लिया है। अब यह पहल दुनिया के अन्य देशों तक भी पहुंच रही है। गुयाना की मेरी हाल की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डॉ. इरफ़ान अली, उनकी सास और परिवार के अन्य सदस्य मेरे साथ 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में शामिल हुए।
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने गौरैया को किया याद
पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में गौरैया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जैव विविधता को बनाए रखने में गौरैया अहम भूमिका निभाती है। लेकिन आज शहरों में गौरैया बहुत कम दिखती है। बढ़ते शहरी करण के कारण गौरैया हमसे दूर हो गई है। आज की पीढ़ी के कई बच्चों ने गौरैया को सिर्फ़ तस्वीरों या वीडियो में ही देखा है। ऐसे बच्चों की ज़िंदगी में इस प्यारी चिड़िया को वापस लाने के लिए कुछ अनोखे प्रयास किए जा रहे हैं।
चेन्नई के कुदुगल ट्रस्ट ने गौरैया की आबादी बढ़ाने के अपने अभियान में स्कूली बच्चों को शामिल किया है। संस्थान के लोग स्कूलों में जाकर बच्चों को बताते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी में गौरैया कितनी अहमियत रखती है। यह संस्थान बच्चों को गौरैया के घोंसले बनाने की ट्रेनिंग देता है। इसके लिए संस्थान के लोगों ने बच्चों को लकड़ी का एक छोटा सा घर बनाना सिखाया। इसमें गौरैया के रहने और खाने-पीने का इंतजाम किया गया।