PMI Data : अगस्त में उत्पादन गतिविधि पड़ी धीमी, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 57.5 पर आई

Manufacturing PMI in August :पहली तिमाही में भारत की विकास दर धीमी होकर 6.7 फीसदी पर आ गई लेकिन जीवीए में बढ़त हुई। ये उपभोग और निवेश में बढ़त का संकेत है। कोर इंडस्ट्री के आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में इसकी वृद्धि दर 6.1 फीसदी रही, जबकि पिछले महीने यह निराशाजनक रही थी

अपडेटेड Sep 02, 2024 पर 11:11 AM
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India Manufacturing PMI : अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि सरकारी खर्च में और तेजी आएगी। ये आम चुनावों के कारण पहली तिमाही में 0.2 फीसदी घट गया था

August Manufacturing PMI : 2 सितंबर को जारी एक निजी सर्वे के नतीजों के मुताबिक अगस्त में उत्पादन गतिविधि एक महीने पहले यानी जुलाई के 58.1 से धीमी होकर 57.5 पर आ गई है। हालांकि, मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स दीर्घकालिक औसत से अधिक रहा है जो उत्पादन गतिविधियों में मजबूत प्रदर्शन का संकेत है।

बता दें कि 50 का स्तर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में विस्तार और संकुचन के विभाजक रेखा का काम करता है। यानी मैन्युफैक्चरिंग PMI की 50 से ऊपर की रीडिंग मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधि में विस्तार का संकेत देती है। जबकि 50 से नीचे की रीडिंग मैन्युफैक्चरिंग की गतिविधि में संकुचन का संकेत होती है

पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ रेट 7 फीसदी रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 5 फीसदी थी। हालांकि भारत की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में घटकर 6.7 फीसदी रह गई, लेकिन हाई वैल्यू एडेड ग्रोथ ने मजबूत आर्थिक गति के संकेत दिये हैं जिसको निजी खपत में तेजी और निवेश में बढ़त से अच्छा सपोर्ट मिला है। अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि सरकारी खर्च में और तेजी आएगी। ये आम चुनावों के कारण पहली तिमाही में 0.2 फीसदी घट गया था।


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कोर इंडस्ट्री के आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में इसकी वृद्धि दर 6.1 फीसदी रही,जबकि पिछले महीने यह निराशाजनक रही थी। पिछले महीने ये दर पांच महीने के सबसे निचले स्तर 5.1 फीसदी पर आ गई थी। लेखा महानियंत्रक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में सरकारी पूंजीगत व्यय में भी 107.8 फीसदी की बढ़त हुई है। लेकिन वर्ष के पहले चार महीनों में 16.3 फीसदी पर उपयोगिता दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 23.5 फीसदी से कम रही है।

 

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