केंद्र सरकार ने खाली पदों को जल्द भरने का फैसला किया है। सरकार ने कामकाज से जुड़ी कुछ प्राथमिकताएं तय की हैं। उनमें मंत्रालय को बजट में आवंटित रकम के साथ सरकारी खालों पदों को भरना भी शामिल है। इसके लिए समयसीमा तय की गई है। इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षचा में हुई काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की मीटिंग में यह फैसला लिया गया। न्यूज18 ने यह खबर दी है।
कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा ने इस बारे में सभी मंत्रालयों के सेक्रेटरीज को लेटर भेजे हैं। इसमें सरकार की प्रायरिटी में शामिल कामों को जल्द पूरा करने के लिए कदम उठाने को कहा गया है। न्यूज18 ने इस लेटर को देखा है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 सितंबर को हुई बैठक में केंद्र सरकार के सभी पदों को प्रायरिटी बेसिस पर भरने का निर्देश दिया था। डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के साथ प्रमोशन से भरे जाने वाले सभी पदों के लिए मंत्रालयों और विभागों को कैलैंडर तैयार करना होगा।
इस लेटर में कहा गया है कि रिक्रूटमेंट प्रोसेस को जल्द पूरा करने के लिए मंत्रालयों को डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) से बातचीत के बाद कदम उठाने होंगे। इसके लिए उन्हें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने और मॉनिटरिंग मैकेनिज्म को मजबूत बनाने को कहा गया है। DoPT को अप्वॉइंटमेंट लेटर जारी करने में सभी मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करना होगा।
इस साल जून में सरकार ने केंद्र सरकार के 10 लाख पदों को 18 महीने में भरने का ऐलान किया था। सरकार की तरफ से इस बारे में संसद को दी गई जानकारी के मुताबिक, 1 मार्च, 2021 को केंद्र सरकार में मंजूर पदों की संख्या 40.35 लाख थी। इनमें से 30.55 लाख पद भरे हुए हैं।
इस महीने की शुरुआत में हुई बैठक में मंत्रालयों को बजट में आवंटित रकम के पूरे इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। हर मंत्रालय और डिपार्टमेंट को कैपिटल एक्सपेंडिचर की मॉनेटरिंग करनी होगी। सरकार ने यह जानकारी मिलने के बाद यह निर्देश जारी किया है कि कई मंत्रालयों ने बजट में आवंटित रकम का पूरा इस्तेमाल नहीं किया है। ऑफिसेज में सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने का भी फैसला लिया गया।