Dhirendra Shastri Brother: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम पर एक व्यक्ति पर कथित तौर पर फायरिंग और मारपीट करने के संगीन आरोप लगे हैं। इस मामले में धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका अपने भाई या परिवार से कोई संबंध नहीं है। मामले में कानून को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। शास्त्री ने कहा कि उन्होंने तीन साल पहले ही सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया था कि उनका शालिग्राम से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, "मैंने शालिग्राम जी के बारे में तीन साल पहले ही बात कर दी थी। मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है, बल्कि मेरा अपने परिवार से भी कोई संबंध नहीं है। कानून अपना काम करे और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। मुझे हर मामले में बेवजह न घसीटा जाए।"
बाबा बागेश्वर ने आगे कहा, "पूरा विश्व हमारा परिवार है। पूरा समाज हमारा परिवार है। हम समाज, राष्ट्र और सनातन के लिए जीते हैं। छतरपुर जिला और हमारा परिवार बहुत बड़ा है, इसलिए कुछ न कुछ होता रहता है। यदि कोई दोषी है तो कानून उसे दंड दे। उसके खिलाफ उचित से उचित कार्रवाई हो।"
छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुसार, यह विवाद जमीन को लेकर हुआ। घायल व्यक्ति मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि शालिग्राम और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उस पर पिस्तौल से कई राउंड फायर किए। घटना के बाद पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामले की जांच जारी है।
पीड़ित ने क्या आरोप लगाए?
मोतीलाल कुशवाहा का आरोप है कि शालिग्राम गर्ग, अंकित मिश्रा और दो-तीन अन्य लोग मौके पर मौजूद थे। उन्होंने पहले लाठी से हमला किया और फिर पिस्तौल से तीन-चार राउंड फायरिंग की। पीड़ित का दावा है कि शालिग्राम गांव की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था और उसने पहले भी कई लोगों की जमीन पर कब्जा किया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अभी तक पुलिस की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष या दोष सिद्ध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
छतरपुर जिले में जमीन विवाद को लेकर कथित तौर पर मारपीट और गोलीबारी के आरोप में मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग और उसके तीन साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि घटना जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के कोढ़ा गांव में मंगलवार दोपहर हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सबूत एकत्र किए और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इस बीच, धीरेंद्र शास्त्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि उनका शालिग्राम गर्ग से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि वह दोषी है तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मोती कुशवाहा (30) को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
उन्होंने पीड़ित की शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि कुशवाहा अपने घर पर था, तभी शालिग्राम गर्ग और उसके तीन साथियों ने उन्हें ललकारा। जब वह घर से बाहर आए तो आरोपियों ने उस पर लाठियों से हमला किया और कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं। कुशवाहा ने पुलिस को बताया कि एक गोली उसके शरीर को छूते हुए निकल गई।
पीड़ित का आरोप है कि वह जुगल किशोर पांडेय नामक व्यक्ति की ओर से शालिग्राम गर्ग के खिलाफ जमीन पर कथित कब्जे से जुड़े मामले में गवाही देने वाला था। उसके अनुसार, यही इस विवाद की मूल वजह है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों ने एक्स-रे में गोली जैसी वस्तु दिखाई देने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने शालिग्राम गर्ग, सतीश, आशीष और एक अन्य आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह तीन वर्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शालिग्राम गर्ग का उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है। शास्त्री ने यह भी कहा कि ऐसी हर घटना को उनके साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।