Monkeypox: इंडियन मेडिकल रिसर्च काउंसिल (Indian Council of Medical Research -ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे की लैब ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लौटे दो यात्रियों के मंकीपॉक्स मामलों का विश्लेषण किया है। इसमें पता चला कि दोनों मामले मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) स्ट्रेन A.2 से संक्रमित थे। जो hMPXV-1A क्लैड-3 से संबंधित हैं। NIV की वरिष्ठ वैज्ञानिक और स्टडी की प्रमुख लेखक डॉ. प्रज्ञा यादव ने कहा कि A.2 वेरिएंट पिछले साल अमेरिका में पता चला था। इसको प्रमुख समूहों से नहीं जोड़ा गया है।
UAE से लौटे लोग A.2 स्ट्रेन से थे संक्रमित
मौजूदा समय में B.1 वेरिएंट की वजह मंकीपॉक्स का प्रकोप बढ़ा है। बता दें कि, भारत (India) में अब तक मंकीपॉक्स के कुल 9 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें एक की मौत हो चुकी है। संयुक्त अरब अमीरात से लौटे लोगों ने बुखार, मांसपेशियों में दर्द और चकत्ते पड़ने की शिकायत की थी। उनके जननांग में भी घाव हुआ था। दरअसल, 35 साल और 31 साल के दो शख्स पिछले दिनों UAE से लौटे थे। बुखार की शिकायत होने पर इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उनके शरीर पर चकत्ते पड़ने लगे। इधर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स के प्रकोप को देखते हुए हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था।
हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी की गाइडलाइंस
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंकीपॉक्स बीमारी पर क्या करें और क्या न करें की एक लिस्ट सूची भी जारी की थी। केंद्र ने बीमारी को फैलने से रोकने के उपायों के रूप में हैंड सैनिटाइजर के उपयोग, साबुन से हाथ धोने और मुंह को मास्क से ढकने की बात कही थी। केंद्र ने मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों के साथ बिस्तर, कपड़े, तौलिये आदि साझा नहीं करने की भी सलाह दी है।