Monsoon Rain: भारी बारिश से दिल्ली एयर पोर्ट पर 20 फ्लाइट रद्द, UP में अगले पांच दिन झमाझम बरसेगा पानी, IMD का पूरा फोरकास्ट
Monsoon Rain: उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग में अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिशजनित हादसों में तीन लोगों की मौत हुई है। मौसम केंद्र लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक अगली 15 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है
Monsoon Rain: पटियाला में भारी बारिश के बाद पानी से भरी सड़क से गुजरने के लिए स्थानीय लोग ट्रैक्टर ट्रॉली का इस्तेमाल करते हुए (PHOTO-PTI)
Monsoon Rain: राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश (Heavy Rain) के बाद रविवार को दिल्ली एयर पोर्ट (Delhi Airport) पर उड़ानों में बड़ी रुकावट देखने को मिली। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, डिपार्चर और अराइवल समेत कम से कम 20 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 120 में देरी हुई। रद्द की गई उड़ानों में दिल्ली और धर्मशाला, शिमला और लेह के बीच चलने वाली उड़ानें भी शामिल थीं, जो मानसून की बारिश से प्रभावित थे। दिल्ली-धर्मशाला और दिल्ली-लेह से उड़ान भरने वाले स्पाइसजेट के लगभग 12 विमानों ने काम करना बंद कर दिया, जबकि दिल्ली-लेह और लेह-दिल्ली रूट पर विस्तारा की उड़ानें भी रविवार को निलंबित रहीं।
देरी के कारण हवाईअड्डे पर अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि यात्री फंसे हुए थे और परेशान थे। कुल 140 प्रभावित विमानों में से 55 इंडिगो के थे, वह एयरलाइन जो दिल्ली हवाई अड्डे के उड़ान यातायात का 40 प्रतिशत हिस्सा लेती है। एयर इंडिया की उड़ानों के यात्रियों को भी उत्तर भारत में लगातार बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ा, क्योंकि 27 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
भारत के सबसे व्यस्त दिल्ली हवाई अड्डे ने अभी तक इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के अनुसार, रविवार को दिल्ली से 1,155 कमर्शियल पैसेंजर फ्लाइट उड़ान भरने वाली थीं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को दिल्ली में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया, क्योंकि यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, यमुना नदी में जल स्तर 206. 24 मीटर तक पहुंच गया - जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से थोड़ा ऊपर है।
जबकि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ आ गई है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। IMD ने अगले छह दिनों तक बारिश की भविष्यवाणी की है। हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि बारिश की तीव्रता कम होनी शुरू हो जाएगी।
इस बीच, उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने वीकेंड में दिल्ली में जलभराव के लिए तैयारियों की कमी को जिम्मेदार ठहराया और मंगलवार को स्थिति का जायजा लिया।
UP में अलगे पांच दिनों तक बारिश का अलर्ट
वहीं उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग में अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिशजनित हादसों में तीन लोगों की मौत हुई है।
मौसम केंद्र लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक अगली 15 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान राज्य के पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर जबकि पश्चिमी भागों में अनेक जगहों पर बारिश हुई। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हुई। इस दौरान सहारनपुर जिले के बेहट में सबसे ज्यादा 21 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा सहारनपुर में 12 सेंटीमीटर, सहारनपुर जिले के ही नकुड़ क्षेत्र में 11, मुजफ्फरनगर के जानसठ में नौ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के ही रामपुर मनिहारान और बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज में सात-सात, बरेली, बागपत के बड़ौत और अलीगढ़ के अतरौली में पांच-पांच सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों पर जबकि पश्चिमी भागों में ज्यादातर जगहों पर बारिश होने की संभावना है।
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिशजनित हादसों में तीन लोगों की मौत हुई है। इस दौरान गौतमबुद्धनगर, मैनपुरी और सीतापुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
इस बीच, गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने अधिकारियों के साथ बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी अप्रिय घटना को घटित होने के पूर्व ही जरूरी बंदोबस्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जहां से भी पी ए सी एवं एस डी आर एफ की मांग हो रही हो वहां उन्हें तत्काल भेजा जाए। प्रमुख सचिव ने कहा कि बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में संबंधित जिलाधिकारी निरन्तर निरीक्षण करें ताकि कोई भी अप्रिय घटना घटित न होने पाये।
बैठक में निर्देश दिये गये कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बच्चों महिलाओं और बुजुर्ग व्यक्तियों को प्राथमिकता पर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाय।