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Nanded Gurudwara Attack: 4 पुलिसकर्मी घायल, हिरासत में लिए गए 17 लोग, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास के तहत FIR दर्ज

कोरोनावायरस (Coronavirus) के चलते जुलूस निकालने की इजाजत नहीं देने के बाद तलवारों से लैस सिखों की भीड़ ने सोमवार को पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 30, 2021 पर 4:04 PM
Nanded Gurudwara Attack: 4 पुलिसकर्मी घायल, हिरासत में लिए गए 17 लोग, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास के तहत FIR दर्ज

महाराष्ट्र के नांदेड़ (Nanded) में कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी के कारण जुलूस निकालने की इजाजत नहीं देने के बाद तलवारों से लैस सिखों की भीड़ ने सोमवार को पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि नांदेड़ गुरुद्वारा के बाहर कल पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में नांदेड़ पुलिस ने 17 लोगों को हिरासत में लिया है।

पुलिस ने कई अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा और हत्या के प्रयास के आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज की है। एक वायरल वीडियो में दिख रहा है कि तलवारें लिये लोगों की भीड़ गुरुद्वारे से बाहर निकली और पुलिस के लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इस हिंसा में कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, नांदेड़ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) निसार तंबोली को बताया, "महामारी के चलते होला मोहल्ला का जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी गई। गुरुद्वारा कमेटी को सूचित कर दिया गया था और उन्होंने हमें आश्वस्त किया था कि वे हमारे निर्देशों का पालन करेंगे और कार्यक्रम गुरुद्वारे परिसर के अंदर ही करेंगे।"

उन्होंने बताया, "हालांकि जब निशान साहिब को शाम 4 बजे द्वार पर लाया गया, तो कई लोगों ने बहस शुरू कर दी और करीब 300 से ज्यादा युवा दरवाजे से बाहर आ गए, बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मी पर हमला करना शुरू कर दिया।"

तंबोली ने कहा कि चार में से एक कांस्टेबल की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि भीड़ ने पुलिस के छह वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। डीआईजी ने कहा था कि कम से कम 200 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 324, 188, 269 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

क्या है होला मोहल्ला?

होला मोहल्ला (होला) एक सिख त्योहार है जो होली के एक दिन बाद मनाया जाता है। होली पर जब लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं, होला मोहल्ला सिखों के लिए अपने मार्शल कौशल का प्रदर्शन करने का एक अवसर है।

नांदेड़ एक महत्वपूर्ण सिख तीर्थस्थल है, क्योंकि ये पवित्र मंदिर, तख्त सचखंड श्री हज़ूर अभचल नगर साहिब का घर है। यहां पर ही 10वें और अंतिम सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह (1666-1708) ने सिख धर्म के शाश्वत गुरु के रूप में पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब का अभिषेक किया और अपने जीवन के अंतिम 14 महीने बिताए थे।

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