प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रेलवे से जुड़े सात प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं नई रेलवे लाइनें बिछाने और रेल लाइन अपग्रेडेशन से जुड़ी हैं। इन सभी प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 32,500 रुपए है। ये 4,195 करोड़ रुपए की लागत से पूरे भारत में 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की तैयारी का हिस्सा है। ये योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme) के अनुरूप है।
PIB के मुताबिक, कैबिनेट ने लगभग 32,500 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले रेल मंत्रालय के 7 बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 2339 किलोमीटर लाइन और जोड़ी जाएगी।
608 करोड़ रुपए की लागत से हरियाणा के 16 स्टेशनों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। सभी स्टेशन का राज्य की संस्कृति और विरासत के आधार कायाकल्प होगा।
सूत्रों ने बताया कि ये रेलवे प्रोजेक्ट चुनाव वाले राज्यों में हैं। वंदे भारत लंबी दूरी के लिए स्लीपर ट्रेन लाने की भी तैयारी कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की पहली खेप अगले साल तक आ जाएगी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा था कि चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) दिसंबर के आखिर तक वंदे भारत ट्रेनों के स्लीपर वेरिएंट को डिजाइन करेगी।
पहली कुछ ट्रेनें मार्च 2024 तक तैयार हो जाएंगी। पिछले महीने मंत्री ने कहा था कि अगले साल फरवरी या मार्च तक चेयर कार, वंदे मेट्रो और वंदे स्लीपर समेत वंदे भारत के सभी तीन वर्जन चालू हो जाएंगे।