एयर कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट अब पूरा होता दिखाई दे रहा है। नोएडा के जेवर में तैयार हो रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली पैसेंजर फ्लाइट अगले साल अप्रैल 2025 में उड़ान भरेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के COO किरण जैन ने मीडिया के डेलिगेशन को साइट विजिट कराई और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के स्टेटस के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का पहला फेज इस साल सितंबर से चालू होना था, लेकिन ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित होने से दिक्कतें आई है। अप्रैल 2025 के आखिर तक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा।
ग्लोबल सप्लाई चेन के कारण आई रुकावट
इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। एयरपोर्ट का पहला फेज सितंबर 2024 से चालू करने का टारगेट रखा गया था। इस बहुप्रतीक्षित एयरपोर्ट का कंस्ट्रक्शन और डेवलपमेंट आगे तो बढ़ रहा है, लेकिन ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित होने से दिक्कतें भी आईं, जिससे ऑपरेशन शुरू होने का टारगेट थोड़ा लंबा खिंच गया है। NIA के अधिकारियों ने प्रजेंटेशन देकर एयरपोर्ट के स्टेटस के बारे में बताया।
रनवे पर डामर का काम हुआ पूरा
अधिकारियों ने बताया कि रनवे पर डामर का काम पूरा हो गया है। इसकी टेस्टिंग की जा चुकी है। रनवे मार्किंग, एप्रोच लाइट और एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग का काम चल रहा है। फेसिंग साइड और छत पर काम चल रहा है, जबकि बैगेज हैंडलिंग सिस्टम का इंस्टॉलेशन भी पूरा होने वाला है।
फ्लाइट्स फ्यूलिंग सर्विसेज, ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो सहित प्रमुख एयरो कंसेशंस पर काम पूरा हो गया है। रिटेल, डाइनिंग, लाउंज, ड्यूटी-फ्री और होटल के लिए नॉन-एयरो कंसेशंस पर भी साइन किए गए हैं।
चेक-इन कियोस्क, सेल्फ-सर्विस बैग ड्रॉप और ई-गेट की टेस्टिंग चल रही है। एयरफील्ड लाइटिंग, पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसे ऑपरेशनल और मेंटेनेंस सर्विसेज के लिए एग्रीमेंट्स पर भी साइन किए गए हैं।
अप्रैल 2025 में उड़ान भरेगी पहली फ्लाइट
एयरपोर्ट का विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कर रही है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल (AG) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। नोएडा के जेवर में तैयार हो रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली पैसेंजर फ्लाइट अगले साल अप्रैल में उड़ान भरेगी।
काम पूरा होने पर ये देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर, ये NCR यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का एक विकल्प साबित होगा।