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पीएम मोदी ने बुलंदशहर को दी 19,000 करोड़ की सौगात, बोले- 'रामलला के बाद अब राष्ट्र प्रतिष्ठा का वक्त'

PM Modi Bulandshahr Visit: पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या में मैंने रामलला के सानिध्य में कहा था कि प्राण प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ, अब राष्ट्र प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने का समय है। हमें देव से देश और राम से राष्ट्र के मार्ग को और प्रशस्त करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इस दौरान पीएम योगी सरकार की जमकर तारीफ की

Akhileshअपडेटेड Jan 25, 2024 पर 2:52 PM
पीएम मोदी ने बुलंदशहर को दी 19,000 करोड़ की सौगात, बोले- 'रामलला के बाद अब राष्ट्र प्रतिष्ठा का वक्त'
PM मोदी ने कहा कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ अब राष्ट्र प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने का समय है

PM Modi Bulandshahr Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 19,100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने मथुरा-पलवल और चिपियाना बुजुर्ग-दादरी खंडों को जोड़ने वाली चौथी रेल लाइन और कई सड़क विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। कुल 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित ये सड़क परियोजनाएं संपर्क में सुधार करेंगी और क्षेत्र में आर्थिक विकास में मदद करेंगी।

इस दौरान पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये हमारा सौभाग्य है कि देश ने कल्याण सिंह और उनके जैसे अनेक लोगों का सपना पूरा किया है लेकिन अभी भी सशक्त राष्ट्र निर्माण का और सच्चे सामाजिक न्याय का उनका सपना पूरा करने के लिए हमें अपनी गति बढ़ानी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें मिलकर काम करना है। अयोध्या में मैंने रामलला के सान्निध्य में कहा था कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ अब राष्ट्र प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने का समय है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "आजादी के बाद के दशकों में लंबे समय तक भारत में विकास को केवल कुछ ही क्षेत्रों में सीमित रखा गया। देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा विकास से वंचित रहा। उसमें भी उत्तर प्रदेश जहां देश की सबसे अधिक आबादी बसती थी, उस पर उतना ध्यान नहीं दिया गया। ये इसलिए हुआ क्योंकि लंबे समय तक यहां सरकार चलाने वालों ने शासकों की तरह बर्ताव किया। जनता को अभाव में रखने का, समाज में बंटवारे का रास्ता, उनको सत्ता पाने का सबसे सरल माध्यम लगा। इसकी कीमत उत्तर प्रदेश की अनेक पीढ़ियों ने भुगती है लेकिन साथ-साथ देश को भी इसका बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।"

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