PM Modi Speech: 'तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं', कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी, पढ़ें बड़ी बातें
PM Modi Speech: पीएम मोदी ने कहा कि इस चर्चा में सबने हिस्सा लिया और सबने अपने-अपने आंकड़े, तर्क दिए और अपनी रुचि, प्रवृत्ति, प्रकृति के अनुसार अपनी बातें रखीं। जब इन बातों को समझने का प्रयास करते हैं तो ध्यान में आता है कि किसकी कितनी क्षमता, योग्यता, समझ और किसका क्या इरादा है
MoneyControl News
अपडेटेड Feb 08, 2023 पर 5:24 PM
आतंकवाद पर सीना तान कर हमले करने का इनके पास सामर्थ नहीं था और 10 साल तक मेरे देश के लोगों का खून बहता रहा
PM Modi Parliament Speech:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बुधवार को संसद में अपना जोरदार संबोधन दिया। संसद के चालू बजट सत्र के सातवें दिन बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का एक-एक कर जवाब दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। एक दिन पहले ही धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे हमले किए थे और कई सवाल किए थे। राहुल गांधी ने कारोबारी गौतम अडानी के मुद्दे पर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। आज पीएम मोदी ने चुन-चुनकर विपक्ष के सभी आरोपों पर पलटवार किया।
पढ़ें- पीएम मोदी की बड़ी बातें...
- पीएम मोदी ने कहा कि इस बार मैं धन्यवाद के साथ-साथ राष्ट्रपति जी का अभिनंदन भी करना चाहता हूं। गणतंत्र के मुखिया के रूप में उनकी उपस्थिति ऐतिहासिक तो है ही, देश की कोटि-कोटि बेटियों के लिए यह बहुत बड़ा प्रेरणा का अवसर भी है।
- प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि यहां चर्चा में हर किसी ने अपने अपने आकड़ें और तर्क दिए... अपनी रूचि, प्रवृति और प्रकृति के अनुसार अपनी बातें रखी और जब इन बातों को समझने का प्रयास करते हैं तो यह भी ध्यान में आता है कि किसकी कितनी क्षमता, योग्यता और इरादा है। देश इन सभी का मूल्यांकन करता है।
- पीएम मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों के भाषण के बाद पूरा ईकोसिस्टम, समर्थक… उछल रहे थे। और खुश होकर कहने लगे, ये हुई न बात! शायद नींद भी अच्छी आई होगी, शायद आज उठ भी नहीं पाए होंगे। ऐसे लोगों के लिए कहा गया है…अच्छे ढंग से कहा गया है। "ये कह-कह कर हम दिल को बहला रहे हैं, वो अब चल चुके हैं,वो अब आ रहे हैं…"
- पीएम मोदी ने कहा कि जनजातीय समुदाय के प्रति नफरत भी दिखाई दी है और हमारे जनजातीय समाज के प्रति उनकी सोच क्या है, लेकिन जब इस प्रकार की बातें टीवी के सामने कही गईं तो भीतर पड़ा हुआ जो नफरत का भाव था, वो सच बाहर आ ही गया।
- प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रपति जी का भाषण हो रहा था तो कुछ लोग कन्नी भी काट गए। एक बड़े नेता महामहिम राष्ट्रपति जी का अपमान भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी ने अपने भाषण में कहा था, जो भारत अपनी अधिकांश समस्याओं के लिए दूसरों पर निर्भर था, वो आज दुनिया की समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहा है।
- पीएम ने कहा कि जब राष्ट्रपति जी के भाषण पर चर्चा मैं सुन रहा था, तो मुझे लगा कि बहुत सी बातों को मौन रहकर स्वीकार किया गया है। यानी, राष्ट्रपति जी के भाषण के प्रति किसी को ऐतराज नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति जी ने यह भी कहा था… देश की एक बड़ी आबादी ने जिन सुविधाओं के लिए दशकों तक इंतजार किया, वे इन वर्षों में उसे मिलीं। देश सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की समस्याओं से मुक्ति चाहता था, वो मुक्ति उसे अब मिल रही है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन में हंसी-मजाक, टीका-टिप्पणी, नोंक-झोंक होती रहती है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आज राष्ट्र के रूप में गौरवपूर्ण अवसर हमारे सामने खड़े हैं। गौरव के क्षण हम जी रहे हैं।
- पीएम मोदी ने कहा कि 100 साल में आई हुई यह भयंकर महामारी, दूसरी तरफ युद्ध की स्थिति, बंटा हुआ विश्व…इस स्थिति में भी, संकट के माहौल में, देश जिस प्रकार से संभला है, इससे पूरा देश आत्मविश्वास और गौरव से भर रहा है। दुनिया के तमाम देशों व हमारे पड़ोस में जिस तरह के हालात हैं, ऐसे समय में कौन हिंदुस्तानी गौरव नहीं करेगा कि उनका देश दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। आज पूरे विश्व में भारत को लेकर positivity है।
- उन्होंने कहा कि ये देश के लिए गर्व की बात है, 140 करोड़ देशवासियों को गर्व हो रहा है लेकिन मुझे लगता है कि शायद इससे भी कुछ लोगों को दुख हो रहा है। वे लोग आत्म निरीक्षण करें। पीएम ने आगे कहा कि आज दुनिया की हर विश्वसनीय संस्था, हर Expert, जो भविष्य का अच्छे से अनुमान भी लगा सकते हैं, उन सबको आज भारत को लेकर बहुत आशा और काफी हद तक उमंग है। इसका कारण है कि भारत में अस्थिरता नहीं है।
- पीएम ने कहा कि आज पूरे विश्व में भारत को लेकर पॉजिटिविटी, आशा, भरोसा है। ये खुशी की बात है कि आज भारत को G20 की अध्यक्षता का अवसर मिला है। ये देश और 140 करोड़ देशवासियों के लिए गौरव की बात है, लेकिन मुझे लगता है कि शायद इससे कुछ लोगों को दुख है। वे आत्मनिरीक्षण करें कि वे कौन लोग हैं।
- पीएम ने कहा कि महामारी के दौर में हमने 150 से ज्यादा देशों को संकट के समय दवाई और वैक्सीन पहुंचाई। यही कारण है कि आज कई देश वैश्विक मंचों पर खुले मन से, भारत का धन्यवाद देते हैं, भारत का गौरवगान करते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बहुत से देश अपने नागरिकों की आर्थिक मदद करना चाहते थे, लेकिन असमर्थ थे। यह भारत है यहां फ्रैक्शन ऑफ सेकंड में लाखों-करोड़ों रुपये देशवासियों के खातों में जमा कर रहा था। एक समय देश छोटी-छोटी तकनीक के लिए तरसता था। आज देश Technology के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
- पीएम ने कहा कि कई देश युद्ध के कारण अस्थिरता से पीड़ित हैं। हमारे पड़ोसी सहित कई अन्य लोग महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य सुरक्षा की कमी का सामना कर रहे हैं। मुश्किल समय के बीच भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। उन्होंने कहा कि आज दुनिया की हर विश्वसनीय संस्था, हर विशेषज्ञ, जो भविष्य का अच्छा सेशन रिपोर्ट भी लगा सकते हैं, उन सबको आज भारत को लेकर बहुत आशा और काफी हद तक उमंग है। इसका कारण है कि भारत में अस्थिरता नहीं है।
कुछ लोगों के भाषण के बाद पूरा ईकोसिस्टम, समर्थक…उछल रहे थे। और खुश होकर कहने लगे, ये हुई न बात!
- प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग तीन दशकों तक भारत में राजनीतिक अस्थिरता रही। आज हमारे पास एक स्थिर और निर्णायक सरकार है। निर्णायक सरकार हमेशा देश के हित में निर्णय लेने का साहस रखती है...पिछले 9 साल में 90,000 स्टार्टअप सामने आए हैं। स्टार्टअप्स में हम दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं। हमारा स्टार्टअप ईकोसिस्टम देश के टियर-टू, टियर थ्री शहरों में पहुंचा है।
- उन्होंने कहा कि भारत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। दुनिया भारत की समृद्धि में अपनी समृद्धि देखती है। निराशा में डूबे कुछ लोग इस देश के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। वे लोगों की उपलब्धियों को देखने में विफल रहते हैं।
- पीएम ने कहा कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में आज भारत दूसरा बड़ा देश बन गया है। डोमेस्टिक एयर ट्रैफिक में आज हम विश्व में तीसरे नंबर पर हैं। एनर्जी Consumption में आज भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है। Renewable Energy Capacity में चौथे नंबर पर पहुंचे हैं।
- कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2004 से 2014 आजादी के इतिहास में घोटाला का दशक रहा। 10 साल भारत के हर कोने में आतंकवादी हमलों का सिलसिला चलता रहा। हर नागरिक असुरक्षित था। 10 साल में कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक देश हिंसा का शिकार था।
- प्रधाननमंत्री ने कहा कि ये निराशा ऐसे नहीं आई, इस निराशा के पीछे कारण है, एक तो जनता का बार-बार हुकुम...2004 से 2014 तक भारत की अर्थव्यवस्था खस्ताहाल हो गई, इस पर निराशा नहीं होगी तो क्या होगी। 10 साल में महंगाई डबल डिजिट रही इसलिए अगर कुछ अच्छा होता है तो निराशा और उभर कर आती है।
प्रधाननमंत्री ने आगे कहा कि आतंकवाद पर सीना तान कर हमले करने का इनके पास सामर्थ नहीं था और 10 साल तक मेरे देश के लोगों का खून बहता रहा। 2014 से पहले के दशक को Lost Decade के नाम से जाना जाएगा और 2030 का दशक अब India Decade के नाम से जाना जाएगा।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में हर स्तर, हर क्षेत्र में, हर सोच में आशा ही आशा नजर आ रही है। सपने और संकल्प लेकर चलने वाला देश है। लेकिन कुछ लोग ऐसे निराशा में डूबे हुए हैं कि क्या कहें...। काका हाथरसी ने कहा था- "आगा-पीछा देख कर, क्यों होते गमगीन जैसी जिसकी भावना वैसा दिखे सीन..."
- प्रधानमंत्री ने कहा कि आज UPA की पहचान यही है कि इन्होंने हर मौके को मुसीबत में पलट दिया। जब Tech और Information का युग तेजी से बढ़ रहा थो तो ये 2G में फंसे रहे। Civil Nuclear Deal की चर्चा थी तो ये Cash for Vote में फंसे रहे। 2010 में Commonwealth Games हुए। CWG घोटाले में पूरा देश बदनाम हो गया।
- पीएम मोदी ने कहा कि कभी आर्थिक प्रगति की चर्चा हो.. तो यहां से निकल RBI को गाली। 9 साल में Constructive Criticism की जगह Compulsive Criticism ने ले ली है। उन्होंने कहा कि इन्होने 9 साल आलोचना करने की जगह आरोप में गंवा दिए। चुनाव हार जाओ तो EVM को गाली, चुनाव आयोग को गाली... कोर्ट में फैसला पक्ष में नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट की आलोचना, भ्रष्टाचार की जांच हो रही हो तो जांच एजेंसियों को गाली, सेना अपना पराक्रम दिखाए तो सेना को गाली... सेना पर आरोप...।
- पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान इस बात को हर पल याद रखेगा कि 2014 के पहले का दशक The Lost Decade के रूप में जाना जाएगा। और इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि 2030 का दशक पूरे विश्व के लिए India’s Decade है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि इन (विपक्ष) जैसों के लिए कवि दुष्यंत कुमार ने बहुत अच्छी बात कही है- "तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं..." उन्होंने कहा कि बिना सिर-पैर की बातें करने के आदि होने के कारण इनको यह भी याद नहीं रहता कि पहले क्या कहा था।
- पीएम मोदी ने कहा कि जीवन खपा दिया है... पल-पल खपा दिया है। देश के लिए खपा दिया है... देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए खपा दिया है। देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी समझ से बाहर है और इनकी समझ से ऊपर की बात है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि जो अहंकार में डूबे रहते हैं, उनको लगता है कि मोदी को गाली देकर ही हमारा रास्ता निकलेगा। गलत आरोप लगा कर ही आगे बढ़ पाएंगे। मोदी पर देश का यह भरोसा अखबार की सुर्ख़ियों और टीवी पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास का सुरक्षा कवच मेरे पास है और ये अपने झूठ से इस कवच को भेद नहीं सकते हो।
- पीएम ने कहा कि इनकी गालियां और इनके आरोपों को उन कोटि-कोटि भारतीयों से होकर के गुजरना पड़ेगा, जिनको दशकों तक मुसीबत में जिंदगी जीने के लिए इन्होंने मजबूर किया था। कुछ लोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए जी रहे हैं, लेकिन मोदी देश के 25 करोड़ परिवारों के लिए जी रहा है।
- उन्होंने कहा कि आज हाइवे पर रिकॉर्ड निवेश हो रहा है, देश में वैश्विक स्तर के एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं। एक समय था जिस स्थिति में रेलवे को अंग्रेज छोड़ गए थे वही स्थिति बानी हुई थी, लेकिन अब 'वंदे भारत' पहचान है। रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों का कायाकल्प हो रहा है।
- पीएम मोदी ने कहा कि यहां कुछ लोगों को हार्वर्ड स्टडी का बड़ा क्रेज है। कोरोनाकाल में कांग्रेस ने कहा था कि भारत की बर्बादी पर हार्वर्ड में स्टडी होगी। बीते वर्षों में हार्वर्ड में एक बहुत बढ़िया स्टडी हुई है, उसका टॉपिक है, ‘The Rise and Decline of India’s Congress Party’। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि भविष्य में कांग्रेस की बर्बादी पर सिर्फ हार्वर्ड में ही नहीं, विश्व के बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में अध्ययन होना ही है।
- पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों के बिना जीवन नहीं होता, लेकिन चुनौतियों से ज्यादा सामर्थ्यवान है देशवासियों का जज्बा। दुनिया के तमाम देशों व हमारे पड़ोस में जिस तरह के हालात हैं। ऐसे समय में कौन हिंदुस्तानी गौरव नहीं करेगा कि उनका देश दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है।