केंद्र सरकार ने राशन कार्ड बनवाने के लिए नई सुविधा की शुरुआत की है। सरकार ने शुक्रवार को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड जारी करने के लिए रजिस्ट्रेशन सुविधा की शुरुआत की है। सरकार का उद्देश्य इसके जरिये बेघर लोगों, निराश्रितों, प्रवासियों को राशन कार्ड पाने के लिए सक्षम बनाना है। साथ ही ऐसे लोगों को सस्ता अनाज भी सरकार उपलब्ध कराना चाहती है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) लगभग 81.35 करोड़ लोगों को कवरेज देता है। इस अधिनियम के तहत करीब 79.99 करोड़ लोगों को रियायती दरों पर अनाज दिलाता है। यानी, अभी 1.58 करोड़ लाभार्थियों को और जोड़ा जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक इस नई शुरूआत के जरिये ऐसे लोगों की मदद करना है जो राशन कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं।
कई कारणों से रद्द होता है राशन कार्ड
एक अनुमान के मुताबिक आठ सालों में 18 से 19 करोड़ लोगों में से 4.7 करोड़ लोगों को राशन कार्ड अलग-अलग कारणों से कैंसिल किया गया है। राज्यों और केंद्र शासित लाभार्थी को नियमित आधार पर नए कार्ड जारी किये जाते हैं।
इन राज्यों में लागू होगी योजना
11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में असम, गोवा, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं। ये अभी पायलट प्रोजेक्ट की तरह शुरू किया गया है। महीने के अंत तक यह सुविधा देश के 36 राज्यों में शुरू होगी।
रियायती दर पर दिया जाता है अनाज
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के जरिये सरकार देश के करीब 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति हर महीने में 5 किलो गेहूं और चावल 2 से 3 रुपये प्रति किलो रियायती दरों पर दे रही है।