जापान के प्रधानमंत्री (Japanese Prime Minister) फुमियो किशिदा (Fumio Kishida) दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को नई दिल्ली हैदराबाद हाउस में उनसे मुलाकात की इसके बाद दोनों नेताओं ने 14वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन (14th India-Japan Annual Summit) में शामिल हुए और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान दोनो नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और बढ़ावा देने के तरीकों सहित कई मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।
14वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भारत-जापान आर्थिक मंच को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "प्रगति, समृद्धि और साझेदारी भारत-जापान संबंधों के आधार हैं। हम भारत में जापानी कंपनियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
उन्होंने कहा, "भारत-जापान आर्थिक साझेदारी के बीच आर्थिक साझेदारी में प्रगति हुई है। जापान भारत में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है। भारत-जापान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर 'वन टीम-वन प्रोजेक्ट' के रूप में काम कर रहे हैं।"
यूनाइटेड नेशन में भी सहयोग बढ़ाएंगे भारत-जापान
मोदी ने कहा, "आज की हमारी चर्चा ने हमारे आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त किया। हमने द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया। हमने यूनाइटेड नेशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपना सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया।"
जापान ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर की भारत से बात
वहीं इस मौके पर जापानी प्रधानमंत्री ने कहा, "आज पूरी दुनिया कई घटनाओं के कारण हिल गई है, भारत और जापान के बीच घनिष्ठ साझेदारी होना बहुत जरूरी है। हमने अपने विचार व्यक्त किए, यूक्रेन में रूस के गंभीर आक्रमण के बारे में बात की। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "हमारे दोनों देशों को खुले और मुक्त हिंद-प्रशांत के लिए प्रयास बढ़ाने चाहिए। जापान, भारत के साथ, युद्ध को समाप्त करने की कोशिश करता रहेगा और यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को सहायता प्रदान करता रहेगा।"